पति पत्नी और वो 2 में रिश्तों की उलझन और कॉमेडी का मजेदार तड़का, आयुष्मान खुराना और रकुल प्रीत सिंह की शानदार अभिनय

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पति पत्नी और वो 2 रिश्तों की गलतफहमियों और हल्की-फुल्की कॉमेडी पर आधारित फिल्म है। आयुष्मान खुराना और रकुल प्रीत सिंह की शानदार मौजूदगी फिल्म को मजेदार बनाती है। पारिवारिक मनोरंजन पसंद करने वालों के लिए यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

रिश्तों में जब पुरानी यादें, दोस्ती और शक एक साथ दस्तक देने लगें, तो जिंदगी कितनी उलझ सकती है, यही दिखाने की कोशिश करती है फिल्म पति पत्नी और वो 2। हल्के-फुल्के अंदाज में बनी यह फिल्म शादीशुदा जिंदगी की गलतफहमियों और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को कॉमेडी के जरिए पर्दे पर पेश करती है। फिल्म की कहानी प्रयागराज के एक फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी बाहर से बिल्कुल सुलझी हुई नजर आती है। लेकिन जैसे ही कॉलेज की पुरानी दोस्त चंचल की एंट्री होती है, हालात पूरी तरह बदलने लगते हैं। कहानी में एक के बाद एक ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ रिश्तों की पेचीदगी भी दिखाते हैं। फिल्म पूरी तरह पारिवारिक मनोरंजन देने की कोशिश करती है और कई जगह अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल भी नजर आती है।


गलतफहमियों के बीच फंसी रिश्तों की कहानी

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी उलझनों से भरी कहानी है। प्रजापति पांडे अपनी पत्नी अपर्णा और सहकर्मी नीलोफर के साथ सामान्य जिंदगी जी रहे होते हैं, लेकिन चंचल की वापसी के बाद हालात बदलने लगते हैं। चंचल अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है और इसी मदद के दौरान गलतफहमियों का ऐसा सिलसिला शुरू होता है कि हर रिश्ता शक के घेरे में आ जाता है। अपर्णा को अपने पति और नीलोफर के बीच नजदीकियों का शक होने लगता है, वहीं चंचल का प्रेमी भी रिश्तों को लेकर उलझ जाता है। इन सबके बीच कई ऐसे दृश्य आते हैं, जहां हास्य और कन्फ्यूजन साथ-साथ चलते हैं। कहानी बहुत नई नहीं लगती, लेकिन प्रस्तुति और किरदारों की भागदौड़ दर्शकों को बांधे रखने का काम करती है।


कलाकारों ने कॉमेडी में डाली जान

फिल्म में आयुष्मान खुराना ने प्रजापति पांडे के किरदार को सहज अंदाज में निभाया है और उनका अभिनय कहानी को मजबूती देता है। वामिका गब्बी अपने किरदार में ठीक लगती हैं, जबकि सारा अली खान का काम औसत नजर आता है। सबसे ज्यादा प्रभावित रकुल प्रीत सिंह करती हैं, जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से कई दृश्यों को मजेदार बना दिया है। वहीं आयशा रजा, तिग्मांशु धूलिया और विजय राज ने अपनी मौजूदगी से फिल्म में जान डालने का काम किया है। निर्देशक मुदस्सर अजीज ने कहानी को हल्के-फुल्के कॉमेडी अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कुछ कॉमिक पंच उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ते। इसके बावजूद फिल्म मनोरंजन देने में काफी हद तक सफल रहती है।

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