दिल्ली आईआईटी से इंजीनियरिंग की, फिर एक्टिंग के दुनिया में रखा कदम, सपनों को पूरा करने के लिए छोड़ दी नौकरी
- Shiv Kumar
- 18 May, 2026
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ज्यादातर लोग बड़ी कंपनी में नौकरी और सुरक्षित करियर का सपना देखते हैं, लेकिन अभिनेता अमोल पराशर ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अमोल ने अच्छी नौकरी छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखा और आज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी खास पहचान बना चुके हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अमोल ने अपने संघर्ष और परिवार की प्रतिक्रिया को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्हें अभिनय का शौक लग गया था और धीरे-धीरे यही उनका सपना बन गया। हालांकि परिवार उनके इस फैसले से शुरुआत में काफी परेशान और डरा हुआ था।
एक्टर बनने के फैसले से घबरा गए थे माता-पिता
अमोल पराशर ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार अपने माता-पिता को बताया कि वह अभिनय की दुनिया में जाना चाहते हैं, तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। अमोल के मुताबिक, उन्होंने फोन पर यह बात बताई थी क्योंकि उन्हें लगा था कि अगर परिवार नाराज होगा तो फोन काट देगा। उनके माता-पिता को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की थी कि उनका बेटा मुंबई जैसे बड़े शहर में कैसे संघर्ष करेगा। अमोल ने कहा कि उनके घरवालों को लगता था कि किसी ने उन्हें बहका दिया है। हालांकि बाद में उन्होंने अपने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह अपनी जिंदगी और करियर को संभाल सकते हैं। धीरे-धीरे परिवार ने भी उनके फैसले को स्वीकार कर लिया और उनका समर्थन करना शुरू कर दिया।
रणबीर कपूर की फिल्म से शुरू हुआ अभिनय सफर
अमोल पराशर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत रणबीर कपूर की फिल्म ‘रॉकेट सिंह’ से की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और वेब सीरीज में छोटे-बड़े किरदार निभाए। हालांकि उन्हें असली पहचान ओटीटी प्लेटफॉर्म की चर्चित सीरीज ‘ट्रिपलिंग’ से मिली। इस सीरीज में निभाए गए चितवन के किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया। उनकी सहज एक्टिंग और अलग अंदाज ने उन्हें युवा दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद उन्होंने ‘सरदार उधम’, ‘36 फार्महाउस’, ‘स्वीट ड्रीम्स’ और ‘क्रैश’ जैसी कई फिल्मों और सीरीज में काम किया। आज अमोल उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में खास जगह बनाई है।
ओटीटी ने बदली किस्मत
अमोल पराशर का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने कई नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि अब दर्शक सिर्फ बड़े सितारों को ही नहीं बल्कि अच्छे अभिनय को भी महत्व देते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग किरदार निभाने वाले कलाकारों को पहचान मिल रही है। अमोल की कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुरक्षित करियर छोड़ने का साहस रखते हैं।
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