बालों की स्ट्रेटनिंग मतलब मौत को बुलावा, खतरनाक केमिकल से होने वाले नुकसान जानकर दंग रह जाएंगे आप!
- Shiv Kumar
- 20 Jan, 2026
पिछले कुछ वर्षों में सीधे और सिल्की बालों का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। युवा ही नहीं, महिलाएं और पुरुष भी ब्यूटी पार्लर और हेयर सैलून में जाकर बालों को स्ट्रेट करवाने लगे हैं। हालांकि, इस फैशन के पीछे छिपा खतरा अब सामने आ रहा है। बालों को सीधा करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल ट्रीटमेंट से न सिर्फ त्वचा, आंख और नाक को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि यह किडनी फेल होने जैसी गंभीर बीमारी की वजह भी बन सकता है।
डॉक्टर ने दी चेतावनी, डायलिसिस तक पहुंच सकता है मामला
किडनी रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. बीपीएस त्यागी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर लोगों को इस खतरे के प्रति आगाह किया है। उन्होंने बताया कि बालों को स्ट्रेट करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक खास केमिकल ‘ग्लाइऑक्जलिक एसिड’ बेहद खतरनाक है। यह केमिकल बालों को कुछ समय के लिए सीधा और चमकदार बना देता है, लेकिन शरीर में पहुंचकर किडनी पर सीधा असर डालता है। डॉ. त्यागी के मुताबिक, ग्लाइऑक्जलिक एसिड के संपर्क में आने से नेफ्रोपैथी नाम की बीमारी हो सकती है। इस स्थिति में किडनी की कार्यक्षमता तेजी से घटने लगती है और मरीज एक्यूट रीनल फेल्योर की चपेट में आ सकता है। कई मामलों में मरीज को लगातार डायलिसिस कराना पड़ सकता है।
दुनिया के कई देशों में बैन, भारत में अब भी उपलब्ध
डॉ. त्यागी ने बताया कि ग्लाइऑक्जलिक एसिड को इसकी गंभीर साइड इफेक्ट्स के चलते कई देशों में बैन किया जा चुका है। हाल ही में इजराइल में 15 साल की एक लड़की ने बालों पर यह केमिकल लगवाया था, जिसके कुछ ही समय बाद उसे पेट में तेज दर्द हुआ। जांच में सामने आया कि उसे एक्यूट किडनी इंजरी हो गई है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बना। चिंता की बात यह है कि भारत में यह केमिकल अभी भी आसानी से उपलब्ध है और कई सैलून में बिना किसी जानकारी के इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग केवल सुंदर दिखने के लिए इस ट्रीटमेंट को अपनाते हैं, लेकिन उन्हें इसके खतरनाक परिणामों की जानकारी नहीं होती।
केमिकल ट्रीटमेंट से पहले बरतें सावधानी
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर कोई भी व्यक्ति बालों को स्ट्रेट कराने का सोच रहा है, तो सबसे पहले इस्तेमाल होने वाले केमिकल का नाम और उसकी जानकारी जरूर लें। डॉ. बीपीएस त्यागी ने साफ शब्दों में कहा है कि ग्लाइऑक्जलिक एसिड का इस्तेमाल बालों पर भूलकर भी न कराएं। फैशन के चक्कर में सेहत से समझौता करना भविष्य में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक तरीकों या सुरक्षित विकल्पों को अपनाना ही बेहतर है, ताकि बालों की सुंदरता के साथ-साथ शरीर की सेहत भी सुरक्षित रह सके।
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