गलत पॉश्चर बन रहा कमर दर्द की बड़ी वजह, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह, जानिए क्या है उपाय
- Shiv Kumar
- 14 May, 2026
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम ने कमर दर्द की समस्या को तेजी से बढ़ा दिया है। पहले जहां कमर दर्द को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करना, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गलत पॉश्चर का असर तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन धीरे-धीरे यह रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर गंभीर दबाव डालता है। लगातार झुककर बैठना, बिना बैक सपोर्ट के काम करना और गर्दन नीचे झुकाकर मोबाइल चलाना शरीर की प्राकृतिक संरचना को प्रभावित करता है। इसके कारण कमर, गर्दन और कंधों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है।
मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल बना बड़ी परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ‘टेक्स्ट नेक’ जैसी समस्या तेजी से सामने आ रही है। इसमें लोग घंटों तक मोबाइल स्क्रीन की तरफ झुककर देखते रहते हैं, जिससे गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे यह असर कमर तक पहुंच जाता है और मांसपेशियों में जकड़न शुरू हो जाती है। इसके अलावा लंबे समय तक गलत तरीके से खड़े रहना या शरीर का पूरा वजन एक पैर पर डालना भी कमर दर्द की वजह बन रहा है। ऑफिस में लगातार घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर समय रहते आदतों में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में स्लिप डिस्क और रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
सही पॉश्चर और योग से मिल सकती है राहत
डॉक्टरों के अनुसार कमर दर्द से बचाव के लिए सही पॉश्चर अपनाना बेहद जरूरी है। बैठते समय पीठ सीधी रखनी चाहिए और कुर्सी का पूरा सपोर्ट लेना चाहिए। कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के स्तर पर होनी चाहिए ताकि गर्दन झुकानी न पड़े। हर 30 से 40 मिनट में थोड़ा ब्रेक लेकर चलना-फिरना भी जरूरी माना गया है। इसके अलावा नियमित योग और व्यायाम शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। भुजंगासन, ताड़ासन और मार्जरी आसन जैसे योगासन रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि कमर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
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