क्या रोजाना ब्रेड खाना और गैस पर रोटी सेंकना सेहत के लिए खतरा है? कैंसर के दावे पर डॉक्टर ने दिया जवाब
- Shiv Kumar
- 15 Jul, 2026
पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच खान-पान को लेकर कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। इन्हीं में एक दावा यह भी किया जाता है कि ब्रेड खाने से कैंसर होता है और गैस पर सेंकी गई रोटी में गैस के रसायन चले जाते हैं, जिससे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इन दावों को लेकर लोगों में डर भी देखने को मिलता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन बातों में पूरी सच्चाई नहीं है। रायपुर के कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इन भ्रांतियों को दूर किया है। उन्होंने बताया कि सामान्य मात्रा में ब्रेड या गैस पर बनी रोटी खाने से कैंसर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण अब तक नहीं मिला है।
ब्रेड में मौजूद एक्रिलामाइड को लेकर क्या है सच्चाई?
डॉक्टर जयेश शर्मा के मुताबिक, ब्रेड को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा एक्रिलामाइड (Acrylamide) नामक तत्व को लेकर होती है। कई अध्ययनों में देखा गया है कि बहुत अधिक मात्रा में एक्रिलामाइड का सेवन जानवरों में कैंसर का कारण बन सकता है, लेकिन इंसानों में सामान्य मात्रा में इसके सेवन से कैंसर होने का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि एक्रिलामाइड सिर्फ ब्रेड में नहीं बनता, बल्कि तली हुई चीजों जैसे समोसा, कचौड़ी और फ्रेंच फ्राइज में इसकी मात्रा ज्यादा हो सकती है। इसलिए इन चीजों का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
ब्राउन ब्रेड और मल्टीग्रेन ब्रेड में कितना अंतर?
डॉक्टर के अनुसार बाजार में सफेद, ब्राउन और मल्टीग्रेन ब्रेड को लेकर लोगों में भ्रम है। उन्होंने बताया कि होल व्हीट और मल्टीग्रेन ब्रेड सफेद ब्रेड की तुलना में थोड़ी बेहतर मानी जा सकती हैं, क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो सकती है। वहीं ब्राउन ब्रेड को लेकर लोगों में गलत धारणा है। कई बार ब्राउन ब्रेड में केवल रंग मिलाकर उसे अलग दिखाया जाता है। इसलिए सिर्फ रंग देखकर ब्रेड को हेल्दी मान लेना सही नहीं है। ब्रेड का चयन करते समय उसमें मौजूद सामग्री और पोषण तत्वों को देखना जरूरी है।
क्या गैस पर सेंकी रोटी से शरीर में पहुंच जाती है गैस?
भारतीय घरों में रोटी को लेकर भी एक डर फैलाया जाता है कि गैस पर सेंकने से गैस के रसायन रोटी के अंदर चले जाते हैं। डॉक्टर जयेश शर्मा ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि गैस जलने के बाद उसका कोई ऐसा तत्व नहीं बचता, जो रोटी के अंदर जाकर कैंसर का कारण बने। अगर ऐसा होता तो रोटी में गैस की गंध आती, जबकि ऐसा नहीं होता। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि रोटी को बहुत ज्यादा जलाकर या काले धब्बे पड़ने तक सेंकने से बचना चाहिए।
जली हुई चीजों के ज्यादा सेवन से बचने की सलाह
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी खाद्य पदार्थ को बहुत ज्यादा गर्म करने या जलाने से कुछ ऐसे रसायन बन सकते हैं जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं माने जाते। इसलिए रोटी को हल्की आंच पर अच्छी तरह पकाकर खाना बेहतर है। डॉक्टरों का कहना है कि संतुलित आहार, जिसमें हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और पर्याप्त पोषण शामिल हो, शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा करने के बजाय विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।
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