क्या तीखा खाना खाने वाले सच में ज्यादा जीते हैं? नई रिसर्च में हार्ट हेल्थ को लेकर बड़ा खुलासा

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तीखा भोजन पसंद करने वालों की उम्र लंबी होने का संकेत बड़ी वैज्ञानिक स्टडी से मिला। दो बार या ज्यादा तीखा खाने वालों में मृत्यु का खतरा 14% कम पाया गया। हृदय, फेफड़ों और कैंसर से मृत्यु भी कम देखी गई।

अगर आपको मसालेदार और तीखा खाना पसंद है तो यह खबर आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। हाल ही में सामने आई कई वैज्ञानिक रिसर्च में यह संकेत मिले हैं कि नियमित रूप से सीमित मात्रा में तीखा भोजन खाने वाले लोगों में दिल की बीमारियों से मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है और उनकी औसत आयु भी अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि जितना अधिक तीखा खाना खाया जाएगा, उतना अधिक फायदा मिलेगा। अध्ययन केवल एक संबंध (association) दिखाते हैं, यह साबित नहीं करते कि तीखा भोजन सीधे लंबी उम्र का कारण है।

रिसर्च में क्या सामने आया?

वैज्ञानिकों ने लाखों लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया। इनमें पाया गया कि जो लोग सप्ताह में एक या उससे अधिक बार तीखा भोजन खाते थे, उनमें हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर और अन्य कारणों से होने वाली मृत्यु का जोखिम अपेक्षाकृत कम देखा गया। कुछ अध्ययनों में नियमित मिर्च खाने वालों में हृदय संबंधी बीमारियों से मृत्यु का जोखिम लगभग 20 से 26 प्रतिशत तक कम पाया गया। शोधकर्ताओं का मानना है कि मिर्च में पाया जाने वाला कैप्साइसिन (Capsaicin) नामक तत्व इसके पीछे एक अहम कारण हो सकता है। यही तत्व मिर्च को तीखापन देता है और शरीर में कई जैविक प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।

हार्ट हेल्थ पर कैसे पड़ सकता है असर?

विशेषज्ञों के अनुसार कैप्साइसिन शरीर में सूजन कम करने, रक्त संचार बेहतर बनाने और खराब कोलेस्ट्रॉल के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी सक्रिय बनाता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। ये सभी कारक हृदय को स्वस्थ रखने में भूमिका निभाते हैं। हालांकि डॉक्टर यह भी कहते हैं कि केवल तीखा खाना खाने से दिल स्वस्थ नहीं रहेगा। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से दूरी जैसे कारक भी उतने ही जरूरी हैं।

हर किसी के लिए नहीं है फायदेमंद

डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को गैस, एसिडिटी, अल्सर, बवासीर या पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें अधिक तीखा भोजन नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी रिसर्च को देखकर अपनी खानपान की आदतों में अचानक बड़ा बदलाव करना सही नहीं होगा। यदि आप पहले से तीखा भोजन खाते हैं तो उसे संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है। विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि तीखा खाना एक स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं, बल्कि संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। इसलिए लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए केवल मिर्च नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना सबसे जरूरी है।

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