10 मिनट में शरीर होगा बर्फ जैसा ठंडा! अब इंसान जाएगा फ्रिज के अंदर, जापान का Human Refrigerator बना चर्चा का विषय

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अब इंसान भी जाएगा फ्रिज के अंदर! जापान की नई टेक्नोलॉजी ने चौंकाया | 10 मिनट में शरीर होगा बर्फ जैसा ठंडा!

टोक्यो। कल्पना कीजिए कि तेज धूप और भीषण गर्मी से परेशान होने के बाद राहत पाने के लिए आपको किसी कमरे या एसी में नहीं, बल्कि सीधे फ्रिज जैसे बॉक्स में बैठना पड़े। जापान ने इस कल्पना को हकीकत में बदल दिया है। देश में बढ़ती गर्मी और हीटस्ट्रोक के मामलों को देखते हुए "Do Hiemon Box" नाम की एक नई तकनीक विकसित की गई है, जिसे Human Refrigerator कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्मी से तप रहे शरीर को कुछ ही मिनटों में ठंडा करना और हीटस्ट्रोक के खतरे को कम करना है।

कैसा है यह Human Refrigerator?

'Do Hiemon Box' देखने में बिल्कुल एक बड़े रेफ्रिजरेटर या वेंडिंग मशीन जैसा दिखाई देता है। इसके अंदर एक कुर्सी लगी होती है, जिस पर एक समय में केवल एक व्यक्ति बैठ सकता है। बॉक्स के अंदर का तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रखा जाता है, जबकि सिर, गर्दन और पीठ की ओर 5 डिग्री सेल्सियस की ठंडी हवा छोड़ी जाती है। दावा किया गया है कि 5 मिनट के भीतर शरीर ठंडा महसूस करने लगता है, जबकि 10 मिनट में सिरदर्द, थकान और हीटस्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों में काफी राहत मिल सकती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह मशीन 20 मिनट बाद स्वतः बंद हो जाती है।

मजदूरों और फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए खास

जापान में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए इस तकनीक को खासतौर पर निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए तैयार किया गया है। टोक्यो सहित कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे हीटस्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह मशीन काम के दौरान शरीर को जल्दी ठंडा कर कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद कर सकती है।

कम बिजली में ज्यादा राहत

इस तकनीक की एक और खासियत इसकी ऊर्जा दक्षता है। रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक सामान्य एयर कंडीशनर अधिक बिजली की खपत करता है, वहीं Do Hiemon Box लगभग आधी बिजली में काम कर सकता है। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹8.85 लाख बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के दौर में ऐसी तकनीकें भविष्य में कई देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। हालांकि, गंभीर हीटस्ट्रोक की स्थिति में चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिक राहत के साधन के रूप में ही इसका उपयोग किया जाएगा।

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