पेट में लगातार गुड़-गुड़ की आवाज को समझें संकेत, इन लक्षणों के साथ दिखे तो न करें लापरवाही

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खाली पेट पेट में गुड़-गुड़ की आवाज आना अक्सर पाचन तंत्र की सामान्य गतिविधि का हिस्सा हो सकता है। भूख के अलावा गैस, हवा निगलना और आंतों की गतिविधि भी इसकी वजह बन सकती है। लेकिन दर्द, उल्टी, दस्त या वजन घटने जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लें।

अक्सर पेट से आने वाली गुड़-गुड़ या गुर्राने की आवाज को लोग सीधे भूख लगने से जोड़ देते हैं। हालांकि हर बार पेट की आवाज का कारण भूख होना जरूरी नहीं है। पाचन तंत्र दिनभर सक्रिय रहता है और पेट तथा आंतों की मांसपेशियां भोजन, तरल पदार्थ और गैस को आगे बढ़ाने का काम करती रहती हैं। इसी गतिविधि के दौरान कई तरह की आवाजें सुनाई दे सकती हैं। खाली पेट में ये आवाजें अपेक्षाकृत ज्यादा स्पष्ट महसूस हो सकती हैं, क्योंकि पेट और आंतों में भोजन की मात्रा कम होती है। चिकित्सा भाषा में आंतों से आने वाली इन आवाजों को ‘बॉरबोरिग्मी’ कहा जाता है। केवल आवाज आना और किसी दूसरे लक्षण का न होना आमतौर पर गंभीर समस्या का संकेत नहीं माना जाता। लेकिन अगर आवाज लगातार आती है और उसके साथ पेट दर्द, बहुत ज्यादा गैस, पेट फूलना, कब्ज, दस्त, उल्टी या वजन कम होने जैसी परेशानी भी हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


खाली पेट आवाज आने की सबसे आम वजह क्या है?

जब पेट खाली होता है, तब भी पाचन तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होता। आंतों की मांसपेशियां लगातार सिकुड़ती और ढीली होती रहती हैं। इस दौरान गैस, तरल पदार्थ और पाचन तंत्र में मौजूद सामग्री आगे बढ़ती है, जिससे आवाज पैदा हो सकती है। भूख की स्थिति में यह गतिविधि कुछ लोगों में अधिक महसूस हो सकती है। इसलिए खाली पेट गुड़-गुड़ की आवाज आना अपने आप में किसी बीमारी का प्रमाण नहीं है। पेट के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली आवाजों के कारण भी अलग हो सकते हैं। कई बार यह आवाज वास्तव में पेट के बजाय छोटी या बड़ी आंत में गैस और तरल पदार्थ के आगे बढ़ने से आती है।


गैस और हवा निगलने से भी बढ़ सकती है आवाज

पेट में ज्यादा गैस बनने पर भी गुड़-गुड़ की आवाज बढ़ सकती है। खाना बहुत जल्दी खाने, खाते समय ज्यादा हवा निगलने और कुछ गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से यह परेशानी कुछ लोगों में ज्यादा महसूस हो सकती है। कार्बोनेटेड पेय भी पाचन तंत्र में गैस बढ़ा सकते हैं। बीन्स, कुछ सब्जियां और कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें शरीर के लिए पचाना मुश्किल कार्बोहाइड्रेट होते हैं, गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसलिए अगर किसी खास भोजन के बाद बार-बार पेट में आवाज आती है, तो यह देखना उपयोगी हो सकता है कि कौन सा भोजन इसके पीछे कारण बन रहा है।


कब पेट की आवाज को लेकर सतर्क होना चाहिए?

अगर केवल कभी-कभार पेट में आवाज आती है और इसके साथ दर्द, बुखार या मल त्याग में कोई बदलाव नहीं है, तो आमतौर पर चिंता की जरूरत नहीं होती। लेकिन आवाज के साथ लगातार या तेज पेट दर्द, बहुत ज्यादा पेट फूलना, कब्ज और दस्त के बीच बार-बार बदलाव, उल्टी या खून वाला दस्त जैसे लक्षण हों तो चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है। कुछ पाचन संबंधी समस्याओं में गैस और पेट फूलने के साथ दर्द भी हो सकता है। इसलिए केवल आवाज के आधार पर किसी बीमारी का अनुमान लगाना सही नहीं है। लक्षण लगातार बने रहें या समय के साथ बढ़ते जाएं तो जांच कराना जरूरी हो सकता है।


पेट की गुड़-गुड़ कम करने के लिए क्या करें?

अगर पेट की आवाज गैस या हवा निगलने से बढ़ रही है तो खाना धीरे-धीरे खाने और भोजन को अच्छी तरह चबाने से मदद मिल सकती है। खाते समय ज्यादा हवा न निगलें और कार्बोनेटेड पेय का सेवन कम करें। जिन खाद्य पदार्थों से आपको बार-बार गैस या पेट फूलने की परेशानी होती है, उनका सेवन सीमित करना भी उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना और नियमित रूप से सक्रिय रहना पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में कारण अलग हो सकता है। अगर इन उपायों के बावजूद समस्या बार-बार होती है या दूसरे लक्षण भी जुड़ जाते हैं, तो खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

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