बार-बार कब्ज और टॉयलेट में ज्यादा समय लगना किस समस्या का संकेत? जानिए वजह और बचाव के उपाय

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कब्ज केवल रोज शौच न होने की समस्या नहीं है। कठोर मल, ज्यादा जोर लगाना और पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास भी इसके संकेत हो सकते हैं। फाइबर, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि से सामान्य कब्ज में राहत मिल सकती है।

सुबह उठने के बाद पेट साफ न होना कई लोगों की रोज की परेशानी बन जाता है। कब्ज का मतलब केवल रोज शौच न होना नहीं है। मल का बहुत कठोर होना, शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाना या शौच के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास भी इसके संकेत हो सकते हैं। आहार में फाइबर की कमी, पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधि कम होना कब्ज के सामान्य कारणों में शामिल हैं। जब शौच की इच्छा हो तो उसे बार-बार रोकना भी समस्या को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक बैठे रहने और कम शारीरिक गतिविधि से भी कब्ज की दिक्कत बढ़ सकती है।


फाइबर के साथ पर्याप्त पानी भी जरूरी
कब्ज की सामान्य स्थिति में खान-पान और दिनचर्या में बदलाव से राहत मिल सकती है। फाइबर मल को नरम रखने और आंतों की गति को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसके लिए भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों जैसे फाइबर वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। वयस्कों को रोज करीब 22 से 34 ग्राम फाइबर की जरूरत हो सकती है। हालांकि, फाइबर की मात्रा बढ़ाते समय पर्याप्त पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेना भी जरूरी है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी से मल सख्त हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि और शौच की इच्छा को न रोकना भी सामान्य कब्ज में मददगार हो सकता है।


लगातार कब्ज को नजरअंदाज न करें
अगर कब्ज लंबे समय से बनी हुई है तो इसे केवल खान-पान की समस्या मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। कुछ दवाएं, थायरॉयड, डायबिटीज, आंतों से जुड़ी समस्या या दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है। खासकर कब्ज के साथ मल में खून आना, बिना वजह वजन कम होना या पेट में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

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