ईरान की चेतावनी, अगर हुआ कोई हमला तो अमेरिका और इस्राइल होंगे जिम्मेदार
- Shiv Kumar
- 11 Jan, 2026
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कालिबाफ ने रविवार को कड़ा बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के तहत इस्लामिक गणराज्य ईरान पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना के साथ-साथ इस्राइल भी ईरान के लिए वैध निशाना होंगे। कालिबाफ के इस बयान को क्षेत्रीय स्तर पर बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें पहली बार खुलकर इस्राइल को भी संभावित जवाबी कार्रवाई की सूची में शामिल किया गया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य टकराव की आशंका पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।
ईरानी संसद में ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे
कालिबाफ का यह बयान उस वक्त आया, जब ईरानी संसद का माहौल बेहद आक्रामक नजर आया। कई सांसद ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए मंच पर चढ़ गए और अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग करने लगे। कालिबाफ को ईरान की राजनीति में एक कट्टरपंथी नेता माना जाता है और उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि ईरान किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान को लेकर उनके पास कई विकल्प हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ट्रंप को ईरान पर हमले के संभावित विकल्पों की जानकारी दी है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
इस्राइल हाई अलर्ट पर, सुरक्षा बैठकों का दौर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के संभावित हमले की आशंका को देखते हुए इस्राइल हाई अलर्ट पर है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हफ्ते के आखिरी दिनों में इस्राइल में कई अहम सुरक्षा बैठकें हुईं, जिनमें ईरान में अमेरिका की संभावित कार्रवाई को लेकर तैयारी पर चर्चा की गई। इन बैठकों में शामिल सूत्रों का कहना है कि इस्राइल हर हालात के लिए खुद को तैयार कर रहा है। इसी बीच, शनिवार को फोन पर हुई बातचीत में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना पर चर्चा की। इससे साफ है कि अमेरिका और इस्राइल इस मुद्दे पर करीबी समन्वय में हैं।
ट्रंप के अन्य निर्देशों से भी बढ़ी चिंता
तनाव के इसी माहौल में डेली मेल की एक रिपोर्ट ने नई हलचल पैदा कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को ग्रीनलैंड पर संभावित आक्रमण के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस निर्देश पर शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने आपत्ति जताई है। अधिकारियों ने इसकी वैधता और राजनीतिक व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं। कुल मिलाकर, ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बयानबाजी और सैन्य तैयारियों ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका को और गहरा कर दिया है।
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