बजट 2026: क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा? एक क्लिक में फटाफट जानें आपने काम की खबर!
- Shiv Kumar
- 01 Feb, 2026
नोएडा। केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के बाद आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजें सस्ती होंगी या महंगी। हालांकि अधिकतर वस्तुओं के दाम GST काउंसिल तय करती है, लेकिन बजट में कस्टम ड्यूटी और टैक्स में बदलाव से कई जरूरी चीजों की कीमतों पर असर पड़ता है। इस बार सरकार ने स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और एविएशन सेक्टर में राहत देने वाले फैसले लिए हैं, जबकि कुछ सेक्टरों में टैक्स बढ़ने से खर्च बढ़ सकता है। आइए समझते हैं इस बजट का सीधा असर आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा।
दवाइयों और इलेक्ट्रॉनिक्स पर राहत, इलाज और किचन खर्च घटने की उम्मीद
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है। इसके अलावा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली आयातित दवाओं और विशेष मेडिकल फूड पर भी टैक्स नहीं लगेगा, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी पुर्जों पर ड्यूटी घटा दी गई है। इसका असर आने वाले महीनों में बाजार कीमतों पर दिख सकता है। सरकार चाहती है कि भारत कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा उत्पादन केंद्र बने, जिससे नौकरियां भी बढ़ेंगी और आयात पर निर्भरता घटेगी।
EV, सोलर और विदेशी यात्रा भी सस्ती, एविएशन सेक्टर को भी मिला बूस्ट
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया गया है। सोलर पैनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर ड्यूटी हटने से सोलर प्रोजेक्ट्स सस्ते हो सकते हैं। विदेश घूमने वालों को भी राहत मिली है क्योंकि टूर पैकेज पर लगने वाला टैक्स घटाकर 2% कर दिया गया है। वहीं एयरक्राफ्ट और मेंटेनेंस से जुड़े पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी खत्म करने से हवाई सेवाओं की लागत घटने की उम्मीद है, जिसका फायदा यात्रियों को भविष्य में मिल सकता है।
कुछ खर्च बढ़ेंगे भी, GST फैसलों का भी जेब पर असर
जहां कई सेक्टरों को राहत मिली है, वहीं कुछ चीजें महंगी भी हो सकती हैं। शराब पर टैक्स दर बढ़ाई गई है, जिससे इसकी कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स भी बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग करने वालों का खर्च बढ़ेगा। दूसरी तरफ GST ढांचे में बदलाव के बाद अब दो प्रमुख स्लैब लागू हैं, जिससे कई रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता या राहत देखने को मिल रही है। कुल मिलाकर बजट ने आम आदमी को कुछ राहत दी है, लेकिन कुछ खर्च बढ़ने भी तय हैं।
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