ईरान-इजराइल वॉर, भारत के श्रीनगर में कंटीले तारों से ब्लॉक की गईं सड़कें, UAE से 4 फ्लाइट्स भारत पहुंचीं, पीएम मोदी की 5 प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक
- Shiv Kumar
- 03 Mar, 2026
इजराइल-ईरान जंग का आज चौथा दिन है और इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के विरोध में देश के कई हिस्सों में शिया समुदाय प्रदर्शन कर रहा है। जम्मू-कश्मीर का श्रीनगर लगातार दूसरे दिन बंद रहा। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। महिलाओं ने भी सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा में बाजार बंद रहे और कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
प्रधानमंत्री की कूटनीतिक पहल, खाड़ी देशों से बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में खाड़ी देशों के कई नेताओं से बात कर वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति Mohamed बिन जायद अल नाहयान से चर्चा की। इसके अलावा बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से भी फोन पर बात की। हवाई हमलों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के साथ भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सोमवार देर रात यूएई से चार उड़ानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पहुंचीं। अबू धाबी में फंसे भारतीयों ने स्वदेश लौटकर राहत महसूस की। एक यात्री ने बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए थे, जिससे लोग दहशत में थे।
उड़ानों पर असर, राज्यों को अलर्ट
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को भड़काऊ भाषणों और अफवाहों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। निजी विमान सेवा इंडिगो ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए विशेष उड़ानों की घोषणा की है। वहीं एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट के लिए सेवाएं शुरू की हैं। यूएई की एतिहाद, एमीरात और फ्लाईदुबई ने भी चुनिंदा उड़ानें बहाल की हैं। केरल के कोच्चि स्थित कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द रहीं। बीते चार दिनों में सैकड़ों उड़ानों पर असर पड़ा है। मस्कट से लौटे यात्रियों ने बताया कि वहां हालात सामान्य हैं और प्रशासन सहयोग कर रहा है। साल 2024 तक खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में 90 लाख से ज्यादा भारतीय रह रहे थे। इनमें यूएई में सबसे बड़ी संख्या है, जहां करीब 43 लाख भारतीय बसे हुए हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।
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