ईरान-इजराइल जंग का आज छठा दिन, इजराइल ने लेबनान में फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर किया हमला, अब डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है ईरान
- Shiv Kumar
- 05 Mar, 2026
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग गुरुवार को छठे दिन में पहुंच गई है। ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे हो चुके हैं और अब तक इस संघर्ष में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है और दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के करीब 20 जहाजों को निशाना बनाकर डुबो दिया है। वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के नौ देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसके साथ ही इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित बेद्दावी फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर भी हमला किया है। यह उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान की चेतावनी, इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को बना सकता है निशाना
जंग के बीच ईरान ने इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है। ईरानी न्यूज एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में दक्षिणी इजराइल में स्थित इस परमाणु केंद्र पर हमला किया जा सकता है। इस बीच इजराइल ने भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है। इजराइली सेना के प्रवक्ता अवीचाय अदरई ने बताया कि वायुसेना ने कोम शहर में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को नष्ट कर दिया, जो इजराइल पर हमला करने की तैयारी में था। इसके अलावा इस्फहान शहर में एक एयर डिफेंस सिस्टम को भी खत्म किया गया है। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत डुबाया, 87 नौसैनिकों की मौत
जंग के दौरान अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत को भी निशाना बनाया है। श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ को श्रीलंका के पास हमला कर डुबो दिया। इस हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर जहाज को डुबो दिया। जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे, जिनमें से 32 घायल नौसैनिकों को श्रीलंका की नेवी ने बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया है। यह युद्धपोत हाल ही में विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। घटना दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील दूर हुई।
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