ईरान-इजराइल की जंग 8वें दिन भी जारी, 5 हजार से ज्यादा बम फटे, 1200 से ज्यादा लोग मरे, चारों ओर मची तबाही

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अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आठवां दिन है। अमेरिका ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की चेतावनी दी है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है और कई देशों पर इसका असर दिखाई देने लगा है।

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्ध का आज आठवां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। शुक्रवार को भी अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान पर अब तक 5000 से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं, जबकि इस हमले में 1200 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।


अमेरिका बोला- आज हो सकता है अब तक का सबसे बड़ा हमला

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण से जुड़ी फैक्ट्रियों को निशाना बनाना है। उनके मुताबिक इस कार्रवाई के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता को बड़ा झटका लग सकता है। वहीं शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी हवाई हमला किया, जिसके बाद वहां से आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि रूस इस युद्ध में ईरान को खुफिया मदद दे रहा है। बताया जा रहा है कि रूस ने ईरान को मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी साझा की है।


ईरान ने इजराइल पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, कई ड्रोन रोके गए

इजराइली सेना के अनुसार रात के दौरान ईरान की ओर से कम से कम पांच बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल की ओर दागी गईं। इन हमलों के कारण इजराइल के कई शहरों में लोगों को रात भर बम शेल्टर में रहना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अलग-अलग समय पर मिसाइलें दागकर लोगों को लंबे समय तक शेल्टर में रहने के लिए मजबूर करना चाहता है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सके। दूसरी ओर सऊदी अरब और कतर ने भी ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शायबह तेल क्षेत्र की ओर जा रहे छह ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। वहीं कतर ने भी बताया कि उसकी ओर भेजे गए दस में से नौ ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।


जंग का असर कई देशों पर, भारत में रुका ईरान का युद्धपोत

इस युद्ध का असर अब कई देशों पर दिखाई देने लगा है। इसी बीच ईरान का युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। बताया गया है कि तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को इस जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी थी और 4 मार्च को यह बंदरगाह पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।

वहीं मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर पाकिस्तान और खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।

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