अमेरिका में बनेगी रिलायंस की पार्टनरशिप वाली नई रिफाइनरी, 50 सालों में यह पहली नई रिफाइनरी होगी, ट्रंप बोले- ये अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डील

top-news
रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका में नई ऑयल रिफाइनरी बनाने जा रही है। करीब 300 अरब डॉलर के इस निवेश की जानकारी डोनाल्ड ट्रम्प ने दी। साउथ टेक्सस के पोर्ट ऑफ ब्राउनविले में बनने वाली यह रिफाइनरी अमेरिका में 50 साल बाद बनने वाला पहला नया प्लांट होगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अमेरिका में नई ऑयल रिफाइनरी बनाने के लिए बड़ी डील की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 11 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी दी। ट्रम्प के अनुसार यह करीब 300 अरब डॉलर यानी लगभग 27 लाख करोड़ रुपये का निवेश है। अमेरिका में पिछले करीब 50 सालों में यह पहली नई ऑयल रिफाइनरी होगी। ट्रम्प ने इसे अमेरिका के एनर्जी सेक्टर और वहां के वर्कर्स के लिए बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह निवेश साउथ टेक्सस के लोगों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने इस निवेश के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज का धन्यवाद भी किया।


साउथ टेक्सस के पोर्ट ऑफ ब्राउनविले में बनेगी रिफाइनरी

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार यह रिफाइनरी साउथ टेक्सस के पोर्ट ऑफ ब्राउनविले में बनाई जाएगी। ट्रम्प ने दावा किया कि यह दुनिया की सबसे साफ रिफाइनरी होगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अमेरिका के घरेलू बाजारों को ईंधन की सप्लाई और मजबूत होगी। इसके अलावा इस परियोजना से अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी को भी मजबूती मिलने की बात कही गई है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि रिलायंस का यह निवेश उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति, टैक्स में कटौती और परमिट प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे फैसलों की वजह से संभव हो पाया है।


जामनगर रिफाइनरी के अनुभव का होगा इस्तेमाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स चलाने का अनुभव है। माना जा रहा है कि उसी अनुभव और तकनीक का इस्तेमाल अमेरिका में बनने वाली इस नई रिफाइनरी में किया जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि इस डील से अमेरिका फिर से ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बना सकेगा। वहीं यह भी माना जा रहा है कि इस परियोजना से अमेरिका में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और एनर्जी सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।


करीब 50 साल से अमेरिका में नई रिफाइनरी नहीं बनी

अमेरिका में 1970 के दशक के बाद से किसी नई कंपनी ने रिफाइनरी नहीं लगाई थी। इसकी वजह सख्त पर्यावरण नियम, भारी लागत और पुराने प्लांट्स के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दिया जाना रहा है। ऐसे में रिलायंस का अमेरिका में नई रिफाइनरी लगाने का फैसला भारतीय कंपनियों के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है और पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *