ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध दो-तीन हफ्ते में खत्म होने की संभावना, ट्रंप ने किया दावा, कहा- ईरान को परमाणु ताकत बनने से रोकने का टारगेट पूरा
- Shiv Kumar
- 01 Apr, 2026
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अमेरिका पर उनका भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका पहले भी वादे से पीछे हट चुका है, इसलिए अब किसी नई बातचीत पर भरोसा करना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन इसे औपचारिक बातचीत नहीं कहा जा सकता। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और अमेरिका अपने लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है।
जंग से मिडिल ईस्ट की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अनुमान है कि क्षेत्र की जीडीपी में 3.7% से 6% तक गिरावट आ सकती है और करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में 70% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं और लाखों नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। इसी बीच ट्रम्प के जंग खत्म होने वाले बयान के बाद एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है।
हमलों से मेडिकल सप्लाई और शहरों पर खतरा बढ़ा
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल ने तेहरान स्थित फार्मा प्लांट पर हमला किया, जिससे मेडिकल सप्लाई चेन को बड़ा नुकसान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्लांट अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के कच्चे माल का अहम स्रोत था। वहीं तेहरान में हुए हमलों के बाद कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की तैयारी के संकेत दिए हैं, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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