ईरान बोला - अमेरिकी नाकाबंदी खत्म होने के बाद ही माना जाएगा सीजफायर, मौजूदा हालत में होर्मुज नहीं खुलेगा
- Shiv Kumar
- 23 Apr, 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि मौजूदा स्थिति में इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा नहीं खोला जाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि जब तक युद्धविराम का उल्लंघन रुकता नहीं और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाकेबंदी के जरिए ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
सीजफायर पर टकराव, बातचीत की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच जल्द बैठक हो सकती है। हालांकि ईरान ने साफ कहा है कि जब तक नाकेबंदी नहीं हटती, तब तक किसी भी तरह का सीजफायर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस टकराव को कम करने के प्रयास तेज हो गए हैं, क्योंकि इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
जहाज जब्ती और हमलों से बढ़ी चिंता
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने होर्मुज में दो जहाजों को जब्त किया है। इन पर बिना अनुमति संचालन और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। इससे पहले भी कई जहाजों पर हमले और फायरिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स को प्रभावित कर दिया है, जिससे समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।
भारत समेत दुनिया पर असर, कीमतों में उछाल
इस तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों में साफ दिख रहा है। यूरोप की बड़ी एयरलाइन Lufthansa ने बढ़ती ईंधन कीमतों के चलते हजारों उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है। वहीं भारत में भी यूरिया की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसके चलते देश को रिकॉर्ड स्तर पर आयात करना पड़ रहा है। इससे आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
संघर्ष का दायरा बढ़ने का खतरा
रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष अब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप तक इसका असर पहुंच रहा है। वहीं जॉन केरी ने भी युद्ध को लेकर पारदर्शिता और सतर्कता बरतने की बात कही है। कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी टकराव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक तेल सप्लाई, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर इसका असर जारी रहने की संभावना है।
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