होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों से फीस वसूलने की तैयारी में ईरान, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बढ़ी चिंता, अमेरिका बोला- यह मंजूर नहीं

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ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूली की नई व्यवस्था लाने की तैयारी में है। अमेरिका ने इसका विरोध किया है। दुनिया की 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूली की नई व्यवस्था को लेकर बातचीत तेज हो गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की नई बनाई गई पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए ‘मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया’ तय कर दिया है। अथॉरिटी का कहना है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को परमिट लेना होगा। फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने कुछ समय के लिए यहां कमर्शियल ट्रैफिक लगभग रोक दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ा। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस सप्लाई इसी जलमार्ग से गुजरती है। ऐसे में किसी भी नए शुल्क या नियंत्रण प्रणाली का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और यहां किसी तरह का टोल स्वीकार नहीं किया जाएगा।


सीधे टोल नहीं, सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा ईरान

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान सीधे टोल टैक्स लगाने के बजाय ‘सर्विस फीस मॉडल’ लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सेवाओं के नाम पर रकम वसूली जा सकती है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद हुए नुकसान और सुरक्षा खर्च को देखते हुए राजस्व जुटाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। दूसरी ओर ओमान भी इस योजना में आर्थिक फायदे देख रहा है और कथित तौर पर हिस्सेदारी पर चर्चा कर रहा है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की फीस लागू की, तो अमेरिका-ईरान समझौते की संभावनाएं और मुश्किल हो सकती हैं। मार्को रुबियो ने कहा कि यह कदम वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करेगा। इसी बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता और बढ़ गई है।


तनाव के बीच सैन्य गतिविधियां भी तेज

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन से अरब सागर में फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी है। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लेबनान में ईरान के राजदूत समेत कई लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने दावा किया है कि उसके पास अभी कई आधुनिक और “अनटेस्टेड” हथियार मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, जबकि इजराइल ईरान पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में है। इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान पहुंचकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की और युद्ध खत्म करने के प्रस्तावों पर चर्चा की। लगातार बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता के कारण दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों की नजर अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई है।

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