मिसाइल अटैक से दहला ईरान, अमेरिका के खिलाफ गरजा आईआरजीसी, युद्धविराम टूटते ही बढ़ा तनाव

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अपाचे हेलिकॉप्टर घटना के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक बाजारों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर के ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि हेलिकॉप्टर को ईरान ने निशाना बनाया था और इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई की है। हालांकि दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए हैं। 


हेलिकॉप्टर घटना के बाद बढ़ा टकराव

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ रडार और वायु रक्षा ठिकानों पर जवाबी हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, हालांकि अधिकांश हमलों को वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया।


युद्धविराम पर फिर मंडराया संकट

अप्रैल में हुए संघर्षविराम के बाद क्षेत्र में कुछ हद तक शांति लौटी थी, लेकिन हालिया घटनाओं ने उस समझौते को फिर संकट में डाल दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका व्यापक युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने सैनिकों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। दूसरी ओर ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो वह और कड़ा जवाब देगा। इस बीच दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत पर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। 


दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर टिकीं

तनाव बढ़ने का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति और तेल व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़े तो इसका असर तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं। (Reuters)

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