अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, ट्रम्प ने वर्साय पैलेस में ‘डील साइन’ कर किया ऐलान, डिजिटल दस्तखत के साथ समझौते पर लगी मुहर, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा
- Shiv Kumar
- 18 Jun, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य टकराव को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने एक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत ईरान और लेबनान में सैन्य कार्रवाई को रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने पर सहमति बनी है। इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि कई विशेषज्ञ अब भी इसके दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर सतर्क हैं।
समझौते के बाद भी शर्तों और भरोसे पर उठ रहे सवाल
समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि उनके प्रमुख लक्ष्य पूरे हो चुके हैं और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाएगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि समझौते का उल्लंघन हुआ तो दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ईरान के कई नेताओं और सांसदों ने अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा न करने की बात कही है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता तो ईरान भी समझौते की शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं होगा। इसी बीच ईरान ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क या टैक्स लगाया जा सकता है।
परमाणु कार्यक्रम, तेल बाजार और वैश्विक राजनीति पर रहेगा असर
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय रहा है। 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। हालिया समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अंतरिम समझौता है और अंतिम तथा व्यापक समझौते तक पहुंचने में अभी कई महीने लग सकते हैं। वहीं इतिहासकारों की नजर इस बात पर भी है कि समझौते पर हस्ताक्षर फ्रांस के ऐतिहासिक वर्साय पैलेस में किए गए, जहां 1919 में प्रथम विश्व युद्ध समाप्त करने वाली प्रसिद्ध वर्साय संधि पर भी हस्ताक्षर हुए थे।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






