होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के ऐलान से बढ़ा वैश्विक तनाव, लेबनान मुद्दे पर आमने-सामने आए ईरान और इजराइल
- Shiv Kumar
- 21 Jun, 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं। लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर नाराज ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान की ओर से सरकारी प्रसारण माध्यम पर यह घोषणा की गई। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय वार्ता की तैयारी भी तेज हो गई है। दुनिया की नजर अब इस बातचीत पर टिकी है, क्योंकि इसके नतीजे पूरे पश्चिम एशिया के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
लेबनान में संघर्ष बना सबसे बड़ा विवाद
ईरान का कहना है कि हाल ही में हुए शांति समझौते के बावजूद लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ईरान ने समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन अमेरिका इजराइल को रोकने में सफल नहीं रहा। दूसरी ओर इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक संगठन पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ देता। इसी बीच लेबनान में हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई में दोनों पक्षों को नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
स्विट्जरलैंड में वार्ता पर टिकी दुनिया की नजर
तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष में वरिष्ठ अधिकारी और विशेष दूत शामिल हैं। जानकारी के अनुसार वार्ता की शुरुआत लेबनान की स्थिति पर विशेष चर्चा से होगी। अमेरिका और ईरान दोनों ही सार्वजनिक रूप से क्षेत्र में स्थिरता और संघर्ष विराम की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। पाकिस्तान और कतर भी मध्यस्थ की भूमिका में सक्रिय बताए जा रहे हैं। कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशों के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान ने वैश्विक व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन रास्तों में गिना जाता है। ईरानी सुरक्षा बलों ने जहाजों को चेतावनी भी जारी की है। हालांकि भारत से जुड़े तीन तेल टैंकर सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत और उसके नतीजों पर नजर बनाए हुए है।
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