अमेरिका ने ईरान पर फिर की एयरस्ट्राइक, तेहरान का बहरीन और कुवैत पर मिसाइल हमला, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
- Shiv Kumar
- 16 Jul, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार तड़के अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर, ड्रोन क्षमताओं और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक समेत कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पहले ग्रेटर तुंब द्वीप पर भी 90 मिनट तक सैन्य अभियान चलाकर तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल ठिकानों पर हमला किया गया। ईरान ने इन हमलों का जवाब देने का दावा करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने दावा किया कि उसने हवा में ही कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, किसी तरह का नुकसान या जनहानि नहीं हुई और एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट पर है।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
तनाव बढ़ने के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर मिडिल ईस्ट से तेल और गैस के निर्यात को भी रोका जा सकता है। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाज भेजने में सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। कुछ कंपनियां अमेरिकी सुरक्षा एस्कॉर्ट लेने से भी बच रही हैं। दूसरी ओर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता तो ईरान बड़े सैन्य संघर्ष के लिए तैयार है।
इराक, कुवैत और ईरान में भी बढ़ी हलचल
इराक के एरबिल में पांच ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है। इनमें एक ड्रोन अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास मार गिराया गया, जबकि दो ड्रोन अमेरिकी सैन्य बेस के नजदीक गिरे। उधर, ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। वहीं ईरान के सेमनान एयरपोर्ट पर भी एयरस्ट्राइक की सूचना मिली है, जहां आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं।
ट्रम्प ने बढ़ाया रक्षा बजट, सैन्य विकल्पों पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सेना को और मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इनमें अतिरिक्त एयरस्ट्राइक, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास रणनीतिक कार्रवाई और ईरान के प्रमुख सैन्य व परमाणु ठिकानों पर हमले जैसे विकल्प शामिल हैं। हालांकि कूटनीतिक समाधान की संभावना भी फिलहाल खुली रखी गई है।
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