अमेरिका ने ईरान के 4 प्रांतों पर किए हमले, ट्रम्प बोले- वह बुरी तरह पिट रहा, हूती विद्रोहियों ने सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया
- Shiv Kumar
- 23 Jul, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान के कई इलाकों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमलों में मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि खुजेस्तान, बुशेहर, होर्मोजगान और इलाम प्रांतों में कई रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले हुए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और यदि उसने होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर हमला किया तो अमेरिका उसके अहम पुलों, बिजलीघरों और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी करेगा।
लाल सागर में बढ़ा तनाव, तेल बाजार पर दिखा असर
मिडिल ईस्ट में तनाव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। सऊदी अरब ने दो जहाजों पर हमले की पुष्टि की है, जबकि ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने भी सऊदी तट के पास एक जहाज पर हमले की जानकारी दी है। हूती विद्रोहियों ने शिपिंग कंपनियों को सऊदी बंदरगाहों से दूर रहने की चेतावनी भी दी है। इन घटनाओं के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा और ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
ईरान के दावे, साइबर अलर्ट और अमेरिकी रक्षा बजट को मिली मंजूरी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत स्थित अली अल-सलेम एयरबेस पर हमला कर अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, MQ-9 ड्रोन हैंगर और अन्य सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, अमेरिका की FBI और CISA समेत कई एजेंसियों ने ईरान समर्थित संभावित साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है और महत्वपूर्ण नेटवर्क की सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है। इसी बीच अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों के लिए अतिरिक्त फंड उपलब्ध होगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान पर बढ़ते दबाव के कारण वह समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी उसकी ओर से स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।
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