तुर्किये को F-35 फाइटर जेट बेचने के मुद्दे पर ट्रम्प का बड़ा बयान, बोले- हमें क्या बेचना है, यह कोई नहीं बताएगा
- Shiv Kumar
- 28 Jul, 2026
तुर्किये को F-35 लड़ाकू विमान बेचने को लेकर इजराइल की आपत्तियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अपने रक्षा सौदों का फैसला खुद करेगा। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी अन्य देश के दबाव में नहीं आएगा और यह वही तय करेगा कि किस देश को कौन से हथियार बेचे जाएं। ट्रम्प के इस बयान को इजराइल की आपत्तियों पर सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा है। इस मुद्दे ने एक बार फिर मध्य पूर्व की सुरक्षा और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
इजराइल की आपत्ति पर ट्रम्प का स्पष्ट रुख
तुर्किये को F-35 विमान दिए जाने की संभावनाओं पर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि यदि तुर्किये को यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलता है तो इससे मध्य पूर्व में सैन्य संतुलन प्रभावित हो सकता है और इजराइल की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। हालांकि ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि तुर्किये अमेरिका का सहयोगी देश है और हथियारों की बिक्री का निर्णय केवल अमेरिका करेगा। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि अमेरिका किसे रक्षा उपकरण उपलब्ध कराए।
ट्रम्प-नेतन्याहू बैठक में ईरान रहेगा प्रमुख मुद्दा
व्हाइट हाउस में ट्रम्प और नेतन्याहू की प्रस्तावित बैठक से पहले दोनों देशों के बीच रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। नेतन्याहू ने वॉशिंगटन रवाना होने से पहले कहा कि उनकी मुलाकात में ईरान सबसे अहम विषय रहेगा। इसके अलावा ईरान युद्ध के बाद की स्थिति, इजराइल-लेबनान समझौते और मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से बातचीत होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव और तेल बाजार पर असर
इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई वार्ता नहीं चल रही है। हालांकि बातचीत की अटकलों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर तनाव बढ़ता है तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार पर व्यापक असर पड़ सकता है।
क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां
उधर ईरानी मीडिया ने उत्तरी इराक के खोर मोर गैस फील्ड पर हमले और कुछ ड्रोन गिराए जाने का दावा किया है। वहीं जॉर्डन ने भी अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी है। इजराइल ने भी जॉर्डन सीमा के पास एक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के 'मॉस्किटो फ्लीट' की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि छोटे लेकिन आधुनिक हथियारों से लैस ये युद्धपोत संघर्ष के दौरान प्रभावी साबित हुए हैं। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
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