अमेरिका-इजराइल की ईरान पर बड़े हमले की तैयारी! ऊर्जा ठिकाने निशाने पर, मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव
- Shiv Kumar
- 01 Aug, 2026
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि संभावित कार्रवाई में बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है। दूसरी ओर ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि उस पर हमला हुआ तो वह अमेरिका और इजराइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच समुद्री सुरक्षा, तेल कारोबार और वैश्विक कूटनीति पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
अमेरिका-इजराइल की रणनीति, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित सैन्य कार्रवाई पर हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा की गई। बताया गया कि अमेरिका और इजराइल ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की योजना पर समन्वय कर रहे हैं। हालांकि अंतिम मंजूरी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी तथा इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। दोनों देशों के तीखे बयानों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
भारत की चिंता, युद्ध का असर समुद्री व्यापार पर भी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर समुद्री मार्गों और कारोबारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संसद में सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई नाविक शामिल हैं। वहीं होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
मिसाइल स्टॉक, रूस की भूमिका और बढ़ती वैश्विक चिंता
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लगातार सैन्य अभियानों के कारण अमेरिका के मिसाइल इंटरसेप्टर तेजी से कम हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी अन्य क्षेत्र में भी बड़ा संघर्ष शुरू हुआ तो अमेरिका के लिए चुनौती बढ़ सकती है। इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि रूस ईरान को सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है, जिससे उसकी रक्षा और मिसाइल क्षमता मजबूत हो रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ओमान के पास एक ऑयल टैंकर पर हमले और ईरान में सरकार समर्थक रैलियों ने भी क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






