औरंगजेब की कब्र लेकर क्या है विवाद? कैसे नागपुर में भड़की हिंसा , किसने लगाई आग और की तोड़फोड़

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Aurangzeb Tomb Row

1658 से 1707 तक करीब 49 साल तक भारत पर शासन करने वाले मुगल शासक औरगंजेब की मौत 3 मार्च 1707 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हो थी। औरंगजेब को दौलताबाद में स्थित फकीर बुरुहानुद्दीन की कब्र के अहाते में दफना दिया गया था। करीब 318 साल बाद औरंगजेब की कब्र को लेकर भारत में सियासी घमासान छिड़ा है। महाराष्ट्र में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की जा रही है। जिसको लेकर बकायदा प्रदर्शन और बयानबाजी हो रही है।
पवित्र पुस्तक जलाने की अफवाह के बाद शुरू हुआ पथराव 
औरंगजेब की कब्र को लेकर महाराष्ट्र में चल रहा विवाद सोमवार को हिंसक हो गया। मध्य नागपुर में एक समुदाय की पवित्र पुस्तक जलाने की अफवाह फैलने के बाद लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।  चिटनवीस पार्क से शुक्रवारी तालाब रोड पर चार गाड़ियों में आग लगा दी और दो दर्जन से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की। स्थानीय निवासियों के घरों पर पथराव किया गया। जवाब में दूसरे समूह की ओर से भी पत्थर फेंके गए।  उपद्रवियों की ओर से कुल्हाड़ी से किए हमले में डीसीपी निकेतन कदम घायल हो गए हैं। 
नकाबपोशों ने वाहनों में की तोड़फोड़ औ घरों में लगाई आग
नागपुर में भड़की हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। पुलिस ने शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। नागपुर पुलिस ने शहर में 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।  हंसपुरी इलाके में एक और झड़प के बाद कई घरों और वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। सीएम फडणवीस,  नागपुर से सांसद नितिन गडकरी समेत तमाम नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील की है। 
अभी तक 47 लोग हिरासत में लिए गए
हंसपुरी के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नकाबपोश समूह ने चेहरे स्कार्फ से छिपा रखे थे और उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें थीं। नकाबपोशों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और दुकानों में तोड़फोड़ करते हुए पथराव किया। 8-10 वाहनों में भी आग लगा दी। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि कहा कि 'हिंसा के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चला है। 47 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा में 12-14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंसा के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है और जिसने भी कानून को अपने हाथ में लिया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

 नागपुर हिंसा के पीछे की असली वजह अफवाह
दरअसल संभाजी नगर में औरंगज़ेब की कब्र को हटाने की मांग करने वाले एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला देने की अफवाह फैल गई। यह विरोध प्रदर्शन विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे समूहों द्वारा आयोजित किया गया था। जिन्होंने कथित तौर पर 'कलमा' लिखा कपड़ा जलाया था। इससे मुस्लिम समूहों में व्यापक आक्रोश फैल गया। अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव हो गया। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि कुछ लोग उनसे मिलने के लिए कार्यालय पर आए थे। उन्होंने एक तस्वीर को जलाए जाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी घटना को लेकर लोग जमा हुए थे। रात 8-8.30 बजे के आसपास पथवराव और दो वाहनों में आग लगाई गई। पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी है।

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