देश में 77वें गणतंत्र दिवस पर 8 बड़े बदलाव, पहली बार दो चीफ गेस्ट हुए शामिल, महिला कमांडेंट ने किया पुरुष रेजिमेंट का नेतृत्व
- Shiv Kumar
- 26 Jan, 2026
भारत ने 26 जनवरी को पूरे गौरव और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई ऐसे बदलाव देखने को मिले, जो देश के इतिहास में पहली बार हुए। परेड में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम नजर आया, जिसने आम जनता के साथ-साथ देश-विदेश के मेहमानों को भी आकर्षित किया। इस राष्ट्रीय पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परेड में शामिल हुए और वीर जवानों व सांस्कृतिक झांकियों को नमन किया। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री के परिधान और पगड़ी को लेकर लोगों में खास चर्चा देखने को मिली।
महिला नेतृत्व और नए प्रयोगों ने खींचा ध्यान
77वें गणतंत्र दिवस की परेड में महिला सशक्तिकरण की मजबूत झलक देखने को मिली। पहली बार CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया, जिसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह दृश्य न केवल सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरा। इसके साथ ही इस बार परेड में एनिमल कंटिंजेंट को भी शामिल किया गया, जो पहले देखने को नहीं मिलता था। सेना की ओर से युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें आधुनिक सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। इन बदलावों ने परेड को और ज्यादा जीवंत और प्रभावशाली बना दिया।
प्रधानमंत्री के लुक और परंपरा की निरंतरता
गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लुक को लेकर हर साल खास चर्चा होती है और इस बार भी लोगों की निगाहें उनके परिधान पर टिकी रहीं। बीते वर्षों की बात करें तो 2024 में उन्होंने भूरे रंग की जैकेट के साथ रंगीन पगड़ी पहनकर संदेश दिया था। 2022 में उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक ब्रह्मकमल टोपी पहनी थी, जबकि 2021 में शाही परिवार से प्राप्त हलारी पगड़ी उनके सिर पर नजर आई थी। हर साल प्रधानमंत्री का यह लुक भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को सम्मान देने का प्रतीक बन चुका है।
दो मुख्य अतिथि और बदली हुई परेड की झलक
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह की एक और खास बात यह रही कि पहली बार दो मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए। कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में सेना, अर्धसैनिक बलों और विभिन्न राज्यों की झांकियों ने देश की ताकत, संस्कृति और विकास की कहानी को बखूबी पेश किया। परेड के दौरान राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत माहौल ने लोगों के दिलों में गर्व और जोश भर दिया। 77वां गणतंत्र दिवस न केवल बदलावों का गवाह बना, बल्कि यह भी दिखा गया कि भारत अपनी परंपराओं को संजोते हुए नए इतिहास रचने की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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