बजट 2026 LIVE: युवाशक्ति पर फोकस, इंफ्रा-मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट, विकास का नया रोडमैप पेश

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केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर बड़ा दांव खेला है। युवाशक्ति को केंद्र में रखकर रोजगार, निवेश और विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और बड़े निवेश की घोषणाएं की गई हैं।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार का आर्थिक विजन देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाशक्ति से प्रेरित है और तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है, जिनका मकसद देश की विकास रफ्तार को तेज करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उद्योग जगत, टैक्सपेयर्स और निवेशकों की निगाहें इस बजट पर टिकी थीं, क्योंकि इससे आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा तय होगी। सरकार का दावा है कि इस बजट के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई गति मिलेगी।


Live Updates

  • इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया।

  • रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है, यानी अब करदाता को 3 महीने अतिरिक्त समय मिलेगा।

  • देश में 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाएंगे और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब भी विकसित किए जाएंगे।

  • कैंसर की 17 दवाओं पर लगने वाला 5% आयात शुल्क हटाया गया, वहीं हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री की गईं।

  • 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, जिनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलिगुड़ी शामिल हैं।

  • 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।

  • 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।

  • देश के लगभग 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, प्रत्येक जिले में कम से कम एक हॉस्टल होगा।

    • बजट 2026–27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान, जो 2025–26 के 4.4% से थोड़ा कम है।

    • सिविलियन एयरक्राफ्ट पार्ट्स बनाने के लिए जरूरी मटेरियल के आयात पर टैक्स नहीं लगेगा।

    • माइक्रोवेव ओवन के पार्ट्स आयात करने पर टैक्स में छूट दी गई है।

    • पर्सनल यूज के लिए मंगाए जाने वाले सामान पर टैरिफ 20% से घटाकर 10% किया गया।

    • कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है।

    • इनकम टैक्स स्लैब में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया।

    • मोटर एक्सीडेंट क्लेम से मिली राशि को इनकम टैक्स से छूट दी गई है।

    • कुल टैक्स कलेक्शन का अनुमान करीब ₹34 लाख करोड़ रखा गया है।

    • कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹12.2 लाख करोड़ और कुल बजट अनुमान ₹36.5 लाख करोड़ रखा गया है।

    • नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।

    • टैक्स फॉर्म को आसान और आम लोगों के लिए सरल बनाया गया है।

    • ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर टैक्स 5% से घटाकर 2% किया गया।

    • शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए विदेश भुगतान पर टैक्स 5% से घटाकर 2% किया गया।

    • एम्प्लॉइज हायरिंग सर्विस पर 1–2% टैक्स लागू होगा।

    • विदेश में 20 लाख रुपए से कम की इम्मूवेबल प्रॉपर्टी का खुलासा न करने पर पेनाल्टी नहीं लगेगी।



इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग को मजबूत बनाने पर बड़ा फोकस
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च तय किया है, जो पिछले साल से अधिक है। पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे माल ढुलाई और उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देशभर में बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन बढ़ेगा और देश की उत्पादन क्षमता मजबूत होगी, जिससे निर्यात में भी तेजी आने की संभावना है।


टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर को नई ताकत
दवाइयों के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित होंगे। भारत को चिप निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करने की घोषणा भी की गई है। वहीं मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कलपुर्जों के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।


तीन कर्तव्यों के जरिए विकसित भारत का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने बजट को रफ्तार, क्षमता और सबका साथ जैसे तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ाकर विकास को तेज करना, लोगों की कौशल क्षमता बढ़ाना और हर परिवार को आय के अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों के आर्थिक सुधारों से देश की विकास दर मजबूत बनी हुई है और महंगाई पर नियंत्रण रखा गया है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार इस दिशा में निवेश व विकास की गति बनाए रखेगी।

नोट- बजट की खबर लगातार अपडेट की जा रही है।

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