ऑपरेशन सिंदूर के बाद की गई डिफेंस बजट में बढ़ोतरी, 10 साल में रिकार्ड तोड़ इजाफा, आप कहेंगे- शानदार फैसला!

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बजट 2026 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। हथियार खरीद, सेना के आधुनिकीकरण, रिसर्च और घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा निवेश किया है, जिससे सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र पर खास जोर देखने को मिला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया, जो पिछले वित्त वर्ष से करीब एक लाख करोड़ ज्यादा है। यह लगभग 15% की बढ़ोतरी है और पिछले दस वर्षों में रक्षा बजट की सबसे बड़ी छलांग मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने सेना की ताकत और तैयारी मजबूत करने पर बड़ा निवेश किया है।

हथियार खरीद और आधुनिकीकरण पर सबसे ज्यादा खर्च
रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार खरीद और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए तय किया गया है। इस बार तीनों सेनाओं को 2.19 लाख करोड़ रुपए मिले हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 22% ज्यादा हैं। इस राशि से आधुनिक लड़ाकू विमान, हथियार प्रणाली, नौसेना के जहाज और उन्नत सैन्य उपकरण खरीदे जाएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार फ्रांस के साथ 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील भी आगे बढ़ सकती है। एयरक्राफ्ट और एयरो इंजन के लिए 63 हजार करोड़ रुपए और नौसेना के बेड़े को मजबूत करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिससे सैन्य ताकत में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

सैलरी, पेंशन और रिसर्च पर भी बढ़ा फोकस
रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा सैनिकों के वेतन, भत्ते और पूर्व सैनिकों की पेंशन पर भी खर्च होता है, जिसमें इस बार भी वृद्धि की गई है। सरकार ने रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17,250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है ताकि देश में स्वदेशी हथियार और आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित हो सके। रक्षा उपकरणों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले आयातित कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटाने से घरेलू डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि भारत हथियारों का आयातक ही नहीं बल्कि बड़ा निर्यातक भी बने।

चीन-पाकिस्तान के मुकाबले भारत की रणनीतिक तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार चीन का रक्षा बजट भारत से काफी बड़ा है और वह लगातार सैन्य निवेश बढ़ा रहा है। वहीं पाकिस्तान ने भी हाल के वर्षों में अपने रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की है, लेकिन भारत ने बिना कुल बजट पर बड़ा दबाव डाले रक्षा खर्च को प्राथमिकता दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस निवेश से सेना की तैयारियों, हथियारों की क्षमता और घरेलू रक्षा उद्योग—तीनों को मजबूती मिलेगी।

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