जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला पर फायरिंग, बाल-बाल बचे पूर्व मुख्यमंत्री, हमलावर बोला 20 साल से मारने का तलाश रहा हूं मौका
- Shiv Kumar
- 12 Mar, 2026
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात जम्मू में एक व्यक्ति ने फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गए। यह घटना उस समय हुई जब फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ राज्य के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें करीब 70 वर्षीय हमलावर कमल सिंह जामवाल पीछे से आकर फारूक अब्दुल्ला के सिर पर रिवॉल्वर तानता दिखाई देता है। उसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर का हाथ हटा दिया, जिससे गोली हवा में चल गई और कोई नुकसान नहीं हुआ।
20 साल से हत्या की योजना बनाने का दावा
पुलिस के अनुसार हमलावर कमल सिंह जामवाल को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास कई सालों से लाइसेंसी हथियार है। जानकारी के मुताबिक फारूक अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और अन्य नेता नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। आरोपी कमल सिंह जामवाल उसी परिवार का रिश्तेदार बताया जा रहा है और पुराने शहर में उसका व्यापार भी है।
सुरक्षा में चूक पर उठे सवाल
घटना के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक व्यक्ति लोडेड पिस्टल लेकर उनके पिता के बेहद करीब पहुंच गया और गोली चला दी। उन्होंने कहा कि शुक्र है कि उनके पिता सुरक्षित हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि Z+ सुरक्षा वाले पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई हथियार लेकर कैसे पहुंच गया। डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने भी इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े कार्यक्रम में स्थानीय पुलिस की मौजूदगी क्यों नहीं थी और सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष हैं और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके पिता शेख अब्दुल्ला भी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे थे।फारूक अब्दुल्ला ने मेडिकल की पढ़ाई की और कुछ समय तक डॉक्टर के रूप में काम किया। बाद में वह सक्रिय राजनीति में आए और अपने पिता की पार्टी से जुड़कर राजनीतिक जीवन शुरू किया। उनका पहला कार्यकाल 1982 से 1984 तक रहा, इसके बाद 1986 से 1990 और फिर 1996 से 2002 तक वे मुख्यमंत्री रहे।
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