हंसराज कॉलेज से पढ़ाई और फिर 'पायरेसी' का काला धंधा, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा NCERT की नकली किताबें बेचने वाला शातिर अपराधी
- Shiv Kumar
- 13 Mar, 2026
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शाहबाद दौलतपुर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए NCERT की 5011 पायरेटेड किताबें बरामद की हैं। इस मामले में पुलिस ने अरविंद कुमार नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो शिक्षित होने के बावजूद नकली किताबों का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी छात्रों को सस्ती कीमत पर नकली किताबें बेचकर बड़ा नेटवर्क चला रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस को एक गोदाम से पहली से बारहवीं तक की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की हजारों फर्जी किताबें मिलीं। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की। पुलिस का कहना है कि यह मामला शिक्षा से जुड़े गंभीर अपराध से जुड़ा है, क्योंकि नकली किताबों के जरिए छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
पहले भी दो बार गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
जांच में सामने आया है कि अरविंद कुमार पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। साल 2020 में नॉर्थ रोहिणी थाने में कॉपीराइट एक्ट के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद साल 2025 में समयपुर बादली थाने में भी नकली किताबें बेचने के आरोप में उस पर केस दर्ज किया गया था। इसके बावजूद आरोपी ने अवैध कारोबार बंद नहीं किया और दोबारा इस धंधे में सक्रिय हो गया। पुलिस के मुताबिक 15 अप्रैल 2025 को दर्ज हुए एक मामले के कुछ महीनों बाद ही उसने फिर से नकली किताबों का नेटवर्क शुरू कर दिया। आरोपी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में इस अवैध कारोबार को चला रहा था और बड़ी संख्या में छात्रों तक नकली किताबें पहुंचा रहा था।
दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद शुरू किया अवैध कारोबार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अरविंद कुमार की शैक्षिक पृष्ठभूमि अच्छी रही है। वह बिहार से दिल्ली आया था और दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उसने IGNOU से एमए की डिग्री भी हासिल की। बताया जा रहा है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद उसने साल 2022 से नकली किताबों का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। उसके पिता पहले अखबार के हॉकर थे और वर्तमान में मधुबन चौक इलाके में स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शिक्षा से जुड़ा होने के बावजूद गलत रास्ता चुनकर इस अवैध धंधे को शुरू किया।
गोदाम से चल रहा था पूरा नेटवर्क, जांच जारी
डीसीपी क्राइम संजीव कुमार यादव के अनुसार आरोपी शाहबाद दौलतपुर के एक गोदाम से इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस ने वहां छापा मारकर बड़ी संख्या में फर्जी किताबें बरामद कीं। इस मामले में पुलिस ने FIR संख्या 47/26 दर्ज की है, जिसमें नई कानून संहिता की धाराओं 318(4), 336(3), 340(2) के साथ-साथ कॉपीराइट एक्ट 1954 और ट्रेडमार्क एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। फिलहाल क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि इन नकली किताबों की छपाई कहां हो रही थी और दिल्ली-एनसीआर के कौन-कौन से दुकानदार इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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