राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं अयोध्या, रामलला के किए दर्शन, श्रीराम यंत्र के पूजन में हुईं शामिल, सीएम योगी ने दी मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या में रामलला के दर्शन कर श्रीराम यंत्र की स्थापना की। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच वीआईपी पास बंद रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से स्वागत किया गया।

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और श्रीराम यंत्र की स्थापना की। वह सुबह करीब साढ़े 10 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे मंदिर पहुंचीं और पूरे परिसर का भ्रमण कर पूजा-अर्चना की। यह प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उनका दूसरा अयोध्या दौरा है।


राम दरबार में श्रीराम यंत्र स्थापना, विशेष पूजा-अर्चना

राष्ट्रपति ने मंदिर के दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना की और आरती में शामिल हुईं। यह विशेष यंत्र कांचीपुरम में तैयार किया गया था, जिसे बाद में तिरुपति लाकर रथयात्रा के जरिए अयोध्या पहुंचाया गया। करीब 150 किलो वजनी इस यंत्र पर सोने की परत चढ़ी है और इसे वैदिक ज्यामिति पर आधारित बेहद शुभ माना जाता है। मंदिर निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने राष्ट्रपति को पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी भी दी।


सुरक्षा कड़ी, मोबाइल और वीआईपी पास पर रोक

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। आज मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक रही और किसी भी आमंत्रित व्यक्ति के साथ सिक्योरिटी गार्ड को भी प्रवेश नहीं दिया गया। इसके अलावा वीआईपी दर्शन पास भी पूरे दिन के लिए बंद रखे गए, जिससे सभी श्रद्धालु सामान्य व्यवस्था में ही दर्शन कर सकें।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ स्वागत, मथुरा जाएंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से मंदिर तक करीब 20 सांस्कृतिक मंच बनाए गए, जहां 250 कलाकारों ने राम भजन, लोकनृत्य, रामलीला और पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। अयोध्या में करीब 5 घंटे रुकने के बाद राष्ट्रपति दोपहर 3 बजे मथुरा के लिए रवाना होंगी, जहां वह इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके अलावा 20 मार्च को वह संत प्रेमानंद महाराज से भी मुलाकात करेंगी।

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