मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब पेट्रोल पंपो पर मिलेगा केरोसिन, हर जिले में 2 पंपों पर मिलेगी सुविधा, 5 हजार लीटर स्टॉक रख सकेंगी तेल कंपनियां
- Shiv Kumar
- 30 Mar, 2026
नई दिल्ली। देश में ईंधन को लेकर बनी चिंता के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने यह कदम मौजूदा वैश्विक हालात और सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए उठाया है। इसके तहत सरकारी तेल कंपनियां चुनिंदा पेट्रोल पंपों से केरोसिन का भंडारण और वितरण कर सकेंगी, जिससे जरूरतमंद लोगों तक तेल समय पर पहुंच सके।
हर जिले में चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मिलेगी सुविधा
सरकार के फैसले के मुताबिक, हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस व्यवस्था के लिए चुना जाएगा। इन पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन स्टोर किया जा सकेगा। इससे उन इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इससे वितरण व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को लंबी लाइनों या देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कदम खासतौर पर ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
नियमों में ढील देकर सप्लाई को किया आसान
सरकार ने 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों में ढील दी है, ताकि सप्लाई में किसी तरह की बाधा न आए। केरोसिन बांटने वाले एजेंट और डीलरों को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है। इसके अलावा टैंकरों से केरोसिन उतारने के नियम भी आसान किए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर अस्थायी तौर पर केरोसिन रखने और बेचने की अनुमति दी गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आपूर्ति तेज होगी और किसी भी तरह की कमी की स्थिति से बचा जा सकेगा।
सरकार बोली- पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें
सरकार ने साफ किया है कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। एक दिन में 55 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है, जबकि ऑनलाइन बुकिंग भी काफी बढ़ी है। सरकार ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई, लेकिन किसी तरह की कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें और केवल जरूरत के हिसाब से ही ईंधन लें। साथ ही, केरोसिन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मांग और सप्लाई के बीच संतुलन बना रहे।
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