UPPCS में अभ्युदय कोचिंग के छात्रों ने किया कमाल, 43 को मिली नियुक्ति, अन्य राज्यों के भी 68 छात्र चयनित, टॉप-5 में लड़कियों ने मारी बाजी
- Shiv Kumar
- 31 Mar, 2026
यूपी पीसीएस-2024 परीक्षा के नतीजों ने इस बार एक नया ट्रेंड दिखाया है। अब यह परीक्षा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों के युवाओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। इस बार कुल 932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 68 अभ्यर्थी यूपी के बाहर के राज्यों से हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इसे प्रदेश की परीक्षा व्यवस्था की बढ़ती विश्वसनीयता का बड़ा प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के कारण अब अन्य राज्यों के युवा भी बड़ी संख्या में इस परीक्षा में शामिल होकर सफलता हासिल कर रहे हैं।
पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा भरोसा, कई राज्यों के अभ्यर्थी सफल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले इस परीक्षा में मुख्य रूप से स्थानीय अभ्यर्थी ही हिस्सा लेते थे, लेकिन अब देशभर के युवाओं का रुझान बढ़ा है। चयनित 932 अभ्यर्थियों में से 864 यानी 92.7 प्रतिशत यूपी के निवासी हैं, जबकि 68 यानी 7.3 प्रतिशत अन्य राज्यों से हैं। इनमें मध्य प्रदेश से 20, हरियाणा से 18, बिहार से 12 और दिल्ली से 9 अभ्यर्थियों ने सफलता पाई है। इसके अलावा राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ के युवाओं ने भी अपनी जगह बनाई है। यह आंकड़े बताते हैं कि यूपी पीसीएस अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा बनती जा रही है।
प्रदेश के 74 जिलों से चयन, छोटे जिलों ने भी किया कमाल
इस बार की परीक्षा में उत्तर प्रदेश के 75 में से 74 जिलों के अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। टॉप जिलों में लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा और अयोध्या शामिल हैं। खास बात यह रही कि संभल, कन्नौज, कासगंज, महोबा और फतेहगढ़ जैसे छोटे और पिछड़े जिलों से भी युवाओं ने अपनी मेहनत के दम पर चयन पाया। इससे यह साफ होता है कि अब अवसर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवा भी आगे बढ़कर अपनी पहचान बना रहे हैं।
महिलाओं और ओबीसी वर्ग की मजबूत मौजूदगी
यूपी पीसीएस-2024 के परिणामों में महिलाओं और ओबीसी वर्ग की भागीदारी भी काफी मजबूत रही है। टॉप 20 में 8 अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग से हैं, वहीं टॉप 5 में 80 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में न सिर्फ हिस्सा ले रही हैं, बल्कि शीर्ष स्थान भी हासिल कर रही हैं। वर्गवार आंकड़ों में सामान्य वर्ग के 357, ओबीसी के 270, एससी के 186, ईडब्ल्यूएस के 97 और एसटी के 22 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
अभ्युदय योजना से भी मिली सफलता, कई अभ्यर्थियों का चयन
सरकार की अभ्युदय योजना का असर भी इस परीक्षा में देखने को मिला है। इस योजना के तहत तैयारी करने वाले 43 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें विपिन देव यादव, विमल कुमार, वरदान गुप्ता, अर्जुन सिंह, चंदन पाल और अन्य शामिल हैं। विपिन देव यादव ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में रहकर अभ्युदय कोचिंग से तैयारी की, जिसके बाद उन्हें सफलता मिली। उनके पिता चौकीदार हैं और मां गृहिणी हैं, ऐसे में यह सफलता उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
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