केंद्र ने 15 दिन में ही बदला अपना फैसला, फ्लाइट में 60 फीसदी सीटें बिना चार्ज के चुनने वाले निर्णय पर लगी रोक, कई एयरलाइंस ने जताई थी आपत्ति

top-news
फ्लाइट में 60% सीटें मुफ्त चुनने का नियम फिलहाल लागू नहीं होगा। एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद केंद्र सरकार ने इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है, जिससे यात्रियों को मिलने वाली राहत टल गई है।

केंद्र सरकार ने एयरलाइंस में सीट चयन को लेकर बड़ा फैसला फिलहाल टाल दिया है। फ्लाइट में 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के चुनने देने वाला प्रस्ताव अब अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यह नियम 20 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद सरकार ने इसे रोकने का फैसला लिया। इस फैसले से यात्रियों को मिलने वाली राहत फिलहाल टल गई है। पहले इस नियम को यात्रियों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था, जिससे उन्हें सीट चुनने में ज्यादा विकल्प और पारदर्शिता मिलती।


एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद लिया गया फैसला

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 18 मार्च को डीजीसीए को निर्देश दिए थे कि हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएं। इसका मकसद यात्रियों को सीट चयन में बराबरी का मौका देना था। लेकिन इस प्रस्ताव पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने आपत्ति जताई। एयरलाइंस का कहना था कि इससे ऑपरेशनल व्यवस्था, किराया निर्धारण और मौजूदा डिरेगुलेटेड टैरिफ सिस्टम पर असर पड़ेगा। इन आपत्तियों को देखते हुए मंत्रालय ने फिलहाल इस नियम को रोक दिया है और कहा है कि व्यापक समीक्षा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।


अभी सिर्फ 20% सीटें ही मिलती हैं फ्री

मौजूदा नियमों के अनुसार, यात्रियों को केवल 20% सीटें ही बिना अतिरिक्त शुल्क के चुनने का विकल्प मिलता है। बाकी सीटों के लिए एयरलाइंस अलग से शुल्क वसूलती हैं, जो आमतौर पर 500 से 3000 रुपए तक होता है। टिकट बुकिंग के बाद जब यात्री वेब चेक-इन करते हैं, तब उन्हें सीमित फ्री सीट ऑप्शन मिलते हैं, जबकि बाकी सीटें ‘प्रेफर्ड सीट’ के नाम पर महंगी पड़ती हैं। 60% मुफ्त सीटों का प्रस्ताव लागू होने पर यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन फिलहाल यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।


एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा

इसी बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन चुका है। देश के एयरपोर्ट हर दिन 5 लाख से ज्यादा यात्रियों को संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उड़ान योजना के चलते हवाई यात्रा अब सिर्फ अमीरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के लिए भी सुलभ हो गई है। साथ ही उड़ान यात्री कैफे, फ्लाईब्रेरी और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बना रही हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *