महाकुंभ से सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास, सोशल मीडिया पर कहा- ये मेरा नया जन्म, चर्चित मॉडल की पूरी कहानी जानें यहां

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महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में संन्यास लेकर साध्वी ‘हर्षानंद गिरि’ का रूप धारण किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे नया जीवन बताया। दीक्षा के बाद उन्होंने पारंपरिक विधि से सांसारिक जीवन का त्याग किया।

उज्जैन। महाकुंभ 2025 के दौरान चर्चा में आई सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास धारण कर लिया है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में मंगलनाथ स्थित गंगाघाट पर मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर सुमनानंद गिरि महाराज से विधि-विधान के साथ दीक्षा लेकर 19 अप्रैल 2026 को वे साध्वी बन गईं। हर्षा ने इसे अपने जीवन का “नया जन्म” बताया है और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।


दीक्षा के बाद मिला नया नाम ‘हर्षानंद गिरि’

संन्यास परंपरा के अनुसार दीक्षा के बाद हर्षा रिछारिया को नया नाम ‘हर्षानंद गिरि’ दिया गया है। इस दौरान उन्होंने शिखा और दंड का त्याग किया, जो संन्यास की प्रमुख परंपराओं में शामिल है। साथ ही पितरों के पिंडदान-तर्पण के साथ स्वयं का भी पिंडदान किया गया, जिसे सांसारिक जीवन से पूर्ण विरक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह प्रक्रिया संन्यास लेने वाले व्यक्ति के लिए एक अहम धार्मिक अनुष्ठान होती है।


झांसी में जन्म, भोपाल में परवरिश

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हर्षा रिछारिया का जन्म 26 मार्च 1994 को उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के झांसी जिले के मऊरानीपुर में हुआ था। बाद में उनका परिवार भोपाल में बस गया। हाल के वर्षों में वे उत्तराखंड में रह रही थीं। संन्यास लेने से ठीक पहले उनकी एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई, जिसमें वे दुल्हन के लुक में नजर आईं। इससे पहले हल्दी समारोह वाले अंदाज में भी उनकी तस्वीरें सामने आई थीं, जिसने लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी थी।


महाकुंभ 2025 से मिली थी पहचान

हर्षा रिछारिया को पहचान महाकुंभ 2025 के दौरान मिली थी। वे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या के रूप में शामिल हुई थीं। प्रयागराज में आयोजित इस आयोजन में वे पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और तिलक लगाए संतों के साथ पेशवाई में नजर आई थीं। इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। उन्हें “सबसे खूबसूरत साध्वी” कहकर भी चर्चा में लाया गया, हालांकि इसके साथ उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा।


सोशल मीडिया पर मजबूत मौजूदगी

संन्यास से पहले हर्षा रिछारिया सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं। वे धर्म, समाज और अध्यात्म से जुड़े पोस्ट साझा करती रहती थीं। उनके इंस्टाग्राम पर करीब 17 लाख और फेसबुक पर 1.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। अब संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका जीवन पूरी तरह आध्यात्मिक मार्ग की ओर मुड़ गया है, जिसे वे अपने नए जीवन की शुरुआत मान रही हैं।


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