ममता बनर्जी 4 घंटे स्ट्रॉन्ग रूम में रहीं मौजूद, कहा- किसी को ईवीएम नहीं लूटने देंगे, संदिग्ध लोगों की मौजूदगी के लगाए आरोप
- Shiv Kumar
- 01 May, 2026
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर गुरुवार रात बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिना सूचना दिए ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और वहां संदिग्ध लोगों की मौजूदगी देखी गई। इसके बाद टीएमसी नेताओं और समर्थकों ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और करीब चार घंटे तक वहां मौजूद रहीं। बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में छेड़छाड़ या मतगणना में गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि चुनाव आयोग के अधिकारी भाजपा नेताओं के साथ मिलकर बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे थे। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बताया। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई की प्रक्रिया चल रही थी और सभी ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक दलों को पहले ही सूचना दी गई थी, लेकिन उनके प्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचे।
भाजपा और टीएमसी आमने-सामने
भवानीपुर से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा के अधिकृत एजेंट स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगातार मौजूद थे और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने दी गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी माहौल बिगाड़कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहती है। वहीं टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह सिर्फ मतदाताओं के जनादेश की सुरक्षा चाहती है। मामले को लेकर भाजपा ने शनिवार को कोलकाता में हाई लेवल बैठक बुलाने का फैसला लिया है, जिसमें मतगणना की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
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