1 मई से बदले कई नियम, एक हजार रुपये तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर, 5 किलो वाले सिलेंडर के बढ़े दाम
- Shiv Kumar
- 01 May, 2026
मई महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा असर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से देखने को मिला है। तेल कंपनियों ने 1 मई से कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में भारी इजाफा कर दिया है। दिल्ली में अब कॉमर्शियल सिलेंडर 3071.50 रुपये में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 2078.50 रुपये थी। यानी सिलेंडर करीब 994 रुपये तक महंगा हो गया है। इसके अलावा 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। वहीं शादियों और बड़े आयोजनों का खर्च भी बढ़ सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग के लिए लागू हुए नए नियम
देश में 1 मई से ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ भी लागू हो गए हैं। इसके तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का गठन किया जाएगा, जो ऑनलाइन गेम्स की निगरानी और रेगुलेशन का काम करेगी। नए नियमों के तहत गेम्स को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें ऑनलाइन मनी गेम्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स शामिल हैं। मनी गेम्स पर रोक लगाई गई है, जबकि अन्य गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दिया गया है। सरकार ने विदेशी गेमिंग कंपनियों के लिए भी भारतीय नियमों का पालन अनिवार्य किया है। इसके साथ ही यूजर्स की सुरक्षा के लिए उम्र सीमा, पेरेंटल कंट्रोल और टाइम लिमिट जैसे फीचर्स भी लागू किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इन नियमों से ऑनलाइन धोखाधड़ी और गेमिंग की लत पर कुछ हद तक रोक लग सकेगी।
डीजल एक्सपोर्ट ड्यूटी घटी, यूएई ने छोड़ा ओपेक प्लस
केंद्र सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन पर लगने वाली स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में भी बदलाव किया है। डीजल एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो अप्रैल में 55.5 रुपये थी। वहीं हवाई ईंधन यानी एटीएफ पर ड्यूटी 42 रुपये से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। सरकार ने अब एटीएफ में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति भी दे दी है। इससे ईंधन कंपनियों और एविएशन सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई ने 1 मई से ओपेक और ओपेक प्लस से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद यूएई तेल उत्पादन बढ़ा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि ईरान-अमेरिका तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी हुई है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है।
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