तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय ढूंढ रहे विधायक, अभी टल सकता है शपथ ग्रहण, बंगाल में 9 मई को भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

top-news
तमिलनाडु में विजय की TVK पार्टी बहुमत जुटाने में लगी है, जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं ने राजनीतिक माहौल और गर्म कर दिया है।

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। 7 मई को होने वाला संभावित शपथ ग्रहण समारोह अब टल सकता है। तमिलगा वेट्टरी कजगम के प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा न होने के कारण स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक विजय ने 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है, जिनमें TVK के 107 और कांग्रेस के 5 विधायक शामिल हैं। हालांकि 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का समर्थन जरूरी है। विजय के दो सीटों से चुनाव जीतने के कारण एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी, ऐसे में उन्हें अभी भी 11 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।


बहुमत जुटाने में लगी TVK, रिसॉर्ट में शिफ्ट किए विधायक

सरकार बनाने की कोशिशों के बीच TVK लगातार छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क बनाए हुए है। पार्टी लेफ्ट, वीसीके और जरूरत पड़ने पर AIADMK के कुछ विधायकों का भी समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि लेफ्ट और IUML ने समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है। इस राजनीतिक हलचल के बीच TVK ने अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम स्थित फोर पॉइंट्स रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने विजय से मुलाकात कर समर्थन दोहराया है और इसे समान विचारधारा की राजनीति बताया है। दूसरी तरफ DMK नेताओं ने कांग्रेस पर जनादेश के खिलाफ जाने का आरोप लगाया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले 24 घंटे तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।


बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

उधर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। भाजपा ने इस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करते हुए अनुसूचित जाति और जनजाति सीटों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल की 68 एससी सीटों में से 51 और सभी 16 एसटी सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा नेताओं का दावा है कि उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र में आदिवासी और मतुआ समुदाय का पूरा समर्थन पार्टी को मिला।


बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से बढ़ी चिंता

चुनाव नतीजों के बाद बंगाल में हिंसा की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। पिछले 24 घंटों में भाजपा और टीएमसी के 2-2 कार्यकर्ताओं समेत 4 लोगों की मौत हो चुकी है। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में भीड़ ने टीएमसी कार्यालय पर हमला कर दिया, जबकि संदेशखाली में पुलिस और केंद्रीय बलों पर फायरिंग की गई। कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। राज्य के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि हिंसा से जुड़े मामलों में 200 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं और 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं भाजपा और टीएमसी दोनों एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *