सुवेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड, चंद्रनाथ को सुपारी देकर मरवाने का दावा, हमलावरों की दूसरी बाइक बरामद, 13 साल में 3 करीबी खो चुके बीजेपी नेता

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भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस को प्रोफेशनल शूटरों पर शक है। फर्जी नंबर प्लेट वाली कार और चोरी की बाइक बरामद की गई है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह वारदात पूरी साजिश के तहत अंजाम दी गई। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या में प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। इस घटना के बाद बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद फिर से सियासी हिंसा का मुद्दा गरमा गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक भी बरामद कर ली गई है। यह बाइक बारासात के 11 नंबर रेल गेट इलाके के पास मिली, जो पहले दमदम इलाके से चोरी हुई थी। पुलिस को घटनास्थल से एक संदिग्ध कार भी मिली है, जिसकी नंबर प्लेट फर्जी बताई जा रही है। कार के चेसिस और इंजन नंबर से भी छेड़छाड़ की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की थी।


फोन पर बात करते समय चली गोलियां, फिर कट गया कॉल

भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि जिस वक्त चंद्रनाथ रथ पर हमला हुआ, उस समय वे उनसे फोन पर बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच भाजपा के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह और गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर चर्चा चल रही थी। तभी अचानक फोन पर गोलियों की आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड बाद किसी के करहाने की आवाज आई। इसके तुरंत बाद कॉल कट गया। शंकर घोष ने बताया कि उन्होंने कई बार दोबारा फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में एक अनजान व्यक्ति ने फोन उठाकर बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है। पुलिस के अनुसार चंद्रनाथ बुधवार रात करीब 9 बजे कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर के लिए निकले थे। रात करीब 10 बजे उनकी स्कॉर्पियो एक सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दी। इसके कुछ देर बाद एक कार और दो बाइक पर सवार लोग उसी दिशा में जाते दिखे।


कार से रास्ता रोककर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस जांच के मुताबिक रात करीब 10:30 बजे मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास एक कार ने चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का रास्ता रोक दिया। इससे पहले कि चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावरों ने बाईं ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने 6 से 10 राउंड गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ को सीने में दो और पेट में एक गोली लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार छोड़कर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि हत्या में ग्लॉक 47X जैसी आधुनिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का कहना है कि ऐसे हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होते और जिस तरीके से हमला किया गया, उससे प्रोफेशनल शूटर्स की आशंका मजबूत होती है। चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके थे। वीआरएस लेने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और बाद में राजनीति से जुड़ गए। सुवेंदु अधिकारी जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तभी से चंद्रनाथ उनके साथ काम कर रहे थे। वे भाजपा नेता के बेहद करीबी माने जाते थे और भवानीपुर चुनाव अभियान में भी उनकी अहम भूमिका रही थी।

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