दिल्ली में ई-रिक्शा से चले मंत्री, सांसद और मुख्यमंत्री का घटा काफिला, जज साइकिल से पहुंचे हाईकोर्ट, पीएम मोदी की अपील का असर
- Shiv Kumar
- 13 May, 2026
नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील का असर अब कई राज्यों में दिखाई देने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मंत्री और अधिकारी अब सरकारी खर्च और ईंधन की बचत को लेकर कदम उठाते नजर आ रहे हैं। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहले मेट्रो और फिर ई-रिक्शा से पहुंचे। वहीं मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल साइकिल से अदालत पहुंचे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। सरकारों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में ईंधन बचत और सरकारी खर्च में कटौती बेहद जरूरी हो गई है।
यूपी में बस-मेट्रो से सफर, कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम
उत्तर प्रदेश में भी सरकार ने ऊर्जा बचत को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के काफिले में 50 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश दिए हैं। साथ ही सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन जैसे बस और मेट्रो से सफर करना अनिवार्य किया गया है। राज्य में बड़े कॉर्पोरेट कार्यालयों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी करने की तैयारी है। इसके अलावा सरकारी बैठकें, सेमिनार और वर्कशॉप भी वर्चुअल माध्यम से कराने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से “नो व्हीकल डे” मनाने, बिजली बचाने और सजावटी लाइटों का कम इस्तेमाल करने की अपील भी की है।
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी शुरू हुई बचत मुहिम
आशीष शेलार ने इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल न होने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को देखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरता जाएगा और बैठकों के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। वहीं मध्य प्रदेश में वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में अब स्थानीय दौरों के दौरान पहले के मुकाबले कम वाहन शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने 10 और 11 मई को सार्वजनिक मंचों से लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत, कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और विदेश यात्राएं टालने की अपील की थी। उन्होंने सोने की खरीद और खाने के तेल की खपत कम करने की भी सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
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