राहुल गांधी के विदेश दौरों पर बीजेपी का बड़ा खुलासा, सीक्रेट दौरों पर जातें हैं कांग्रेस नेता, फंडिंग और सुरक्षा पर उठाए सवाल

top-news
राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर बीजेपी ने बड़ा हमला बोला है। पार्टी ने यात्राओं की फंडिंग, सुरक्षा नियमों और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। अब कांग्रेस की ओर से जल्द प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी ने दावा किया है कि पिछले 22 वर्षों में राहुल गांधी 54 बार विदेश यात्रा पर गए और इन दौरों पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए। पार्टी ने सवाल उठाया है कि इन यात्राओं की फंडिंग किसने की और क्या इन दौरों से जुड़ी पूरी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तथा सरकार को दी गई थी। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी कई बार बिना आधिकारिक जानकारी दिए विदेश गए। पार्टी ने यह भी दावा किया कि सितंबर 2025 में उन्होंने एक “सीक्रेट विदेश दौरा” किया, जिसकी जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में नहीं थी। बीजेपी ने कहा कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त नेताओं को विदेश यात्रा से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होता है, लेकिन कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि राहुल गांधी के कुछ दौरे “ऑन रिकॉर्ड” नहीं हैं और उनके साथ अक्सर तीन-चार करीबी लोग विदेश जाते रहे हैं।


बीजेपी ने खर्च और फंडिंग को लेकर मांगा जवाब

बीजेपी ने राहुल गांधी की आय और विदेश यात्राओं के खर्च को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में राहुल गांधी की घोषित आय करीब 11 करोड़ रुपये रही, जबकि विदेश यात्राओं पर कथित तौर पर कहीं अधिक खर्च हुआ। बीजेपी नेताओं ने पूछा कि इन यात्राओं के लिए पैसा कहां से आया और क्या किसी विदेशी संस्था या एजेंसी से मदद ली गई। पार्टी ने काठमांडू के एक नाइट क्लब में कथित तौर पर 45 लाख रुपये खर्च करने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा अप्रैल में दुबई दौरे की जानकारी सार्वजनिक न करने का मुद्दा भी उठाया गया है।


कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया का इंतजार

इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस की ओर से फिलहाल इन सभी आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बीजेपी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत आरोप लगा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे भी जुड़ गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *