19 राज्यों में SIR की प्रक्रिया जल्द होगी शुरु, 30 मई से 23 दिसंबर के बीच होगा वेरिफिकेशन

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चुनाव आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के तीसरे चरण की शुरुआत की है। 23 दिसंबर तक चलने वाली इस प्रक्रिया में 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन होगा। लाखों BLO और BLA मतदाता सूची को अपडेट करने और फर्जी नाम हटाने का काम करेंगे।

देशभर में मतदाता सूची को अपडेट और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी। यह प्रक्रिया 30 मई से शुरू होकर 23 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है। जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां इस प्रक्रिया को काफी अहम माना जा रहा है। आयोग के मुताबिक इससे फर्जी और दोहरे नामों को हटाने में भी मदद मिलेगी। पूरे अभियान की निगरानी राज्य स्तर से लेकर बूथ स्तर तक की जाएगी।


लाखों अधिकारी और एजेंट करेंगे सत्यापन का काम

चुनाव आयोग ने बताया कि तीसरे चरण की इस प्रक्रिया के लिए 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए जाएंगे। इनके साथ राजनीतिक दलों की तरफ से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहयोग करेंगे। अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और जरूरी दस्तावेजों की जांच करेंगे। आयोग के अनुसार महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जबकि दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव में मतदाताओं की संख्या सबसे कम है। चुनाव आयोग ने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी और किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे सूचना दी जाएगी। आयोग का कहना है कि इस अभियान से भविष्य के चुनाव और अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बन सकेंगे।


पहले दो चरणों में 59 करोड़ मतदाताओं का हुआ सत्यापन

चुनाव आयोग ने बताया कि इससे पहले पहले और दूसरे चरण में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इन दोनों चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। आयोग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खराब मौसम और जनगणना प्रक्रिया के चलते अभी यह अभियान शुरू नहीं किया गया है। इन राज्यों के लिए बाद में अलग से कार्यक्रम जारी होगा। आयोग ने यह भी बताया कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जाता है, ताकि चुनाव के समय किसी तरह की गड़बड़ी न हो। राजनीतिक दलों की नजर भी इस प्रक्रिया पर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले वर्षों में कई बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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