पायलट बनकर छू सकते हैं आसमान, जानिए योग्यता से लेकर लाखों की सैलरी तक पूरी जानकारी

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भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और पायलट की मांग लगातार बढ़ रही है। जानिए पायलट बनने के लिए जरूरी योग्यता, ट्रेनिंग प्रक्रिया, खर्च और लाखों की सैलरी से जुड़ी पूरी जानकारी।

भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर ने युवाओं के लिए करियर के नए अवसर खोल दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था में एविएशन सेक्टर का योगदान करीब 5.36 फीसदी है और इस क्षेत्र में 75 हजार से अधिक नौकरियां मौजूद हैं। आने वाले वर्षों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा अब पायलट बनने का सपना देख रहे हैं। पायलट का पेशा न केवल प्रतिष्ठित माना जाता है, बल्कि इसमें शुरुआती सैलरी भी लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। हालांकि इस करियर में आने के लिए कड़ी ट्रेनिंग, मेडिकल फिटनेस और भारी खर्च की जरूरत होती है। ऐसे में अगर कोई छात्र भविष्य में हवाई जहाज के कॉकपिट तक पहुंचना चाहता है, तो उसके लिए जरूरी योग्यता और प्रक्रिया की जानकारी होना बेहद जरूरी है।


मैथ्स-फिजिक्स और मेडिकल फिटनेस जरूरी

पायलट बनने के लिए उम्मीदवार का 12वीं में मैथ्स और फिजिक्स विषयों के साथ पास होना जरूरी है। न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय की गई है। यदि किसी छात्र ने आर्ट्स या कॉमर्स से पढ़ाई की है, तो वह भी NIOS या किसी मान्यता प्राप्त ओपन बोर्ड से फिजिक्स और मैथ्स के साथ 12वीं पास करके इस क्षेत्र में आ सकता है। इसके अलावा शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होना भी अनिवार्य है। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA द्वारा अधिकृत डॉक्टर मेडिकल टेस्ट करते हैं। मेडिकल क्लियर होने के बाद ही उम्मीदवार को आगे की ट्रेनिंग के लिए योग्य माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट बनने के लिए मानसिक एकाग्रता, तेज निर्णय क्षमता और अनुशासन भी बेहद जरूरी गुण हैं।


ट्रेनिंग पर लाखों खर्च, लेकिन सैलरी भी शानदार

कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस यानी CPL प्राप्त करने के लिए छात्रों को परीक्षा पास करनी होती है, जो साल में चार बार आयोजित की जाती है। इसके बाद ग्राउंड ट्रेनिंग और फ्लाइंग ट्रेनिंग दी जाती है। ग्राउंड ट्रेनिंग में मौसम विज्ञान, नेविगेशन, एयर रेगुलेशन और टेक्निकल विषय पढ़ाए जाते हैं। इसके बाद DGCA मान्यता प्राप्त फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन में करीब 200 घंटे की उड़ान ट्रेनिंग दी जाती है। पूरी ट्रेनिंग में लगभग 14 से 15 महीने का समय लगता है। भारत में पायलट ट्रेनिंग पर करीब 50 से 55 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइन कंपनियां भी ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाती हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शुरुआती वेतन लगभग 1 से 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह हो सकता है, जबकि अनुभवी कैप्टन को 4 से 8 लाख रुपये तक सैलरी मिलती है।

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