एअर इंडिया हफ्ते में घटाएगी 800 घरेलू उड़ानें, इंडिगो भी कम कर सकती है फ्लाइट्स, महंगे फ्यूल का असर

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एअर इंडिया जून से अगस्त के बीच हर हफ्ते करीब 800 घरेलू उड़ानें घटाएगी। बढ़ती जेट फ्यूल कीमतों और ऑपरेशन कॉस्ट के चलते इंडिगो भी उड़ानों में कटौती कर सकती है।

नई दिल्ली। एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच हर हफ्ते करीब 800 घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। कंपनी के मुताबिक जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ने के कारण यह कदम उठाया गया है। वहीं रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि IndiGo भी अपनी घरेलू उड़ानों में 5% से 7% तक कटौती कर सकती है।


महंगे फ्यूल और मिडिल ईस्ट तनाव का असर

एअर इंडिया फिलहाल हर सप्ताह करीब 4400 उड़ानें संचालित कर रही है, जिनमें 3600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। कंपनी ने घरेलू उड़ानों में करीब 22% तक कटौती का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि ईरान पर हुए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा ईरानी एयरस्पेस से बचने और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर पाबंदियों के कारण उड़ानों के रूट लंबे हो गए हैं, जिससे ऑपरेशन कॉस्ट लगातार बढ़ रही है।


फ्यूल खर्च बढ़कर 60% तक पहुंचा

इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल फेडरेशन (FIA) के मुताबिक पहले एयरलाइंस के कुल खर्च में फ्यूल का हिस्सा करीब 40% होता था, जो अब बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। इससे एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ गया है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 में भारत की बड़ी एयरलाइंस के ऑपरेशन में पिछले साल की तुलना में 6% तक गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान इंडिगो ने 4.5% और एअर इंडिया ने 7.5% कम उड़ानें संचालित कीं।


महंगे किराए से घट रही यात्रियों की संख्या

ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ने के कारण एयरलाइंस ने किराए भी बढ़ा दिए हैं। इससे घरेलू हवाई यात्रा की मांग पर असर पड़ा है। भारत के एविएशन मार्केट में फिलहाल इंडिगो और एअर इंडिया का दबदबा है और दोनों का संयुक्त घरेलू मार्केट शेयर करीब 90% माना जाता है। हालांकि, Akasa Air सीमित बेड़े के बावजूद तेजी से विस्तार करने की कोशिश कर रही है।

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