पहलगाम हमले की साजिश में बड़ा खुलासा, जांच में मिला पाकिस्तानी कनेक्शन, फोन में थीं बायसरन की जानकारियां
- Shiv Kumar
- 02 Jun, 2026
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे इस हमले के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन और भी मजबूत होता नजर आ रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में बायसरन घाटी की लोकेशन और उससे जुड़े स्क्रीनशॉट पहले से सेव मिले हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि हमले की योजना काफी पहले से बनाई गई थी और आतंकियों ने घटना से पहले इलाके की रेकी भी की थी। जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने हमले से करीब एक सप्ताह पहले बायसरन क्षेत्र का दौरा कर वहां की भौगोलिक स्थिति को समझा था। फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार 15 और 16 अप्रैल 2025 को बायसरन घाटी की लोकेशन के स्क्रीनशॉट लिए गए थे। बाद में 22 अप्रैल 2025 को इसी क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि हमले के दौरान लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था।
फोन और कैमरे से मिले पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत
NIA सूत्रों के मुताबिक आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो चीनी मोबाइल फोन की सप्लाई चेन की जांच में पता चला कि ये उपकरण पाकिस्तान के कराची और लाहौर के पते पर भेजे गए थे। इससे आतंकियों तक पहुंचने वाले नेटवर्क और सीमा पार से मिलने वाले समर्थन की आशंका और मजबूत हुई है। इससे पहले जांच एजेंसी ने खुलासा किया था कि हमले में शामिल आतंकियों के पास एक एक्शन कैमरा भी मिला था, जो चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा था। एजेंसी अब उन नेटवर्कों की भी जांच कर रही है जो आतंकियों को तकनीकी उपकरण और अन्य संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित मास्टरमाइंड का जिक्र
NIA द्वारा दाखिल चार्जशीट में हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा को बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार वह पाकिस्तान के लाहौर क्षेत्र में रहता है और हमले के दौरान लगातार आतंकियों के संपर्क में था। आरोप है कि उसी ने बायसरन घाटी की लोकेशन आतंकियों को भेजी और पूरी कार्रवाई के दौरान उन्हें दिशा-निर्देश देता रहा। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि स्थानीय टूरिस्ट गाइडों ने समय रहते संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी होती तो इस हमले को रोका जा सकता था। मामले में दो गाइडों को गिरफ्तार भी किया गया है। वहीं, सुरक्षा बलों ने जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। भारत ने इस हमले के जवाब में मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






