NEET पेपर लीक केस, सपने में सवाल आने का दावा करने वाला कोचिंग संचालक गिरफ्तार, बेटे को टॉपर बनाने की थी चाह!
- Shiv Kumar
- 10 Jun, 2026
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का नाम इस मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल है। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को ऐसे सवाल बताए थे, जो बाद में नीट परीक्षा में पूछे गए। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोटेगांवकर भी शामिल हैं।
‘भगवान ने सपने में बताया सवाल’ कहकर छात्रों को कराया था याद
बताया जा रहा है कि 29 अप्रैल को, नीट परीक्षा से चार दिन पहले, शिवराज मोटेगांवकर ने अपने छात्रों को एक सवाल लिखवाया और दावा किया कि यह उन्हें भगवान विट्ठल ने सपने में बताया है। उन्होंने छात्रों से कहा था कि यह सवाल परीक्षा में जरूर आएगा। 3 मई को हुई नीट परीक्षा में वही सवाल आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा शुरू हो गई। इसके कुछ दिन बाद पेपर लीक की आशंका सामने आई और जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
बेटे को टॉपर बनाने और मेडिकल कॉलेज का सपना
स्थानीय लोगों और कोचिंग से जुड़े छात्रों का दावा है कि मोटेगांवकर अपने बेटे को नीट में शीर्ष रैंक दिलाना चाहते थे। उनका बेटा भी इस बार परीक्षा में शामिल हुआ था। छात्रों के अनुसार, विशेष बैच में पढ़ने वाले उनके बेटे के लगभग 704 अंक आने की चर्चा थी। वहीं कुछ पूर्व शिक्षकों का कहना है कि मोटेगांवकर भविष्य में मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते थे और बेटे को डॉक्टर बनाना उनकी बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल था।
दो विशेष बैचों को मिला था पूरा पेपर!
कोचिंग में पढ़ने वाले कुछ छात्रों का दावा है कि कथित तौर पर दो विशेष बैचों को परीक्षा से पहले पूरा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। इनमें एक ‘एम्स बैच’ और दूसरा ‘प्रीमियम बैच’ बताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।
सीबीआई के अनुसार पैनल से जुड़े लोग भी जांच के घेरे में
मामले में गिरफ्तार पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े प्रश्नपत्र निर्माण पैनल का हिस्सा बताए जा रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को परीक्षा से पहले संभावित प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए। हालांकि उनके सहयोगियों और परिचितों का कहना है कि वे वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़े रहे हैं और उन पर लगे आरोपों से सभी हैरान हैं।
NTA का दावा- पेपर लीक नहीं हुआ
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी लगातार यह दावा कर रही है कि नीट परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था। एजेंसी आज संसदीय समिति के समक्ष अपना लिखित पक्ष भी प्रस्तुत कर सकती है। दूसरी ओर सीबीआई की जांच जारी है और एजेंसी आरोपियों के बीच कथित नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और परीक्षा से पहले हुई गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
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