मोदी सरकार के 12 साल, अनुच्छेद 370 से राम मंदिर तक, इन 12 फैसलों ने बदली देश की राजनीति और विकास की दिशा
- Shiv Kumar
- 10 Jun, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपने शासन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने कई ऐसे बड़े फैसले लिए, जिनका असर देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था पर व्यापक रूप से देखने को मिला। इन वर्षों में सरकार ने संवैधानिक बदलावों से लेकर कल्याणकारी योजनाओं, कर सुधारों और आधारभूत ढांचे के विकास तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। भाजपा और केंद्र सरकार इन फैसलों को देश के परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर मानती है। सरकार के समर्थकों का कहना है कि इन निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है, जबकि कई मुद्दों पर विपक्ष की ओर से आलोचना भी होती रही है। फिर भी इन फैसलों ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और प्रभाव छोड़ा है।
अनुच्छेद 370, महिला आरक्षण और नागरिकता कानून रहे चर्चा में
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही राज्य का विशेष दर्जा समाप्त हो गया। इसी कार्यकाल में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता भी साफ किया। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी लागू किया गया। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) भी सरकार के प्रमुख फैसलों में शामिल रहा, जिसके तहत पड़ोसी देशों से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया। इन सभी फैसलों ने राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय तक बहस को जन्म दिया।
राम मंदिर, ट्रिपल तलाक और कल्याणकारी योजनाओं पर रहा फोकस
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण भी मोदी सरकार के कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में गिना जाता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए ट्रिपल तलाक को अपराध घोषित किया गया। सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाएं भी शुरू कीं। कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया।
जीएसटी, नोटबंदी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास बने बड़े आर्थिक फैसले
आर्थिक क्षेत्र में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना और नोटबंदी जैसे फैसले सबसे ज्यादा चर्चित रहे। जीएसटी ने देशभर में एकीकृत कर प्रणाली लागू की, जबकि नोटबंदी को काले धन और नकद आधारित अर्थव्यवस्था पर प्रहार के रूप में पेश किया गया। इसके साथ ही सरकार ने रेलवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क और हवाई अड्डों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया। वंदे भारत ट्रेनें, नमो भारत कॉरिडोर और बड़े पैमाने पर रेलवे विद्युतीकरण जैसे प्रोजेक्ट इसी अवधि में आगे बढ़े। सरकार का दावा है कि इन कदमों से देश के बुनियादी ढांचे को नई गति मिली है और भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
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