डीजल खरीद पर नई लिमिट लागू, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर मिलेगा डीजल, बड़े उपभोक्ताओं पर लगी रोक
- Shiv Kumar
- 12 Jun, 2026
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब आम ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों, बड़े व्यावसायिक संस्थानों और अन्य थोक उपभोक्ताओं को रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून 2026 को इस संबंध में नया आदेश जारी किया है, जो शुरुआती तौर पर 90 दिनों तक लागू रहेगा।
सरकार के अनुसार देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पेट्रोल पंपों पर अचानक डीजल और पेट्रोल की बिक्री में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई थी। जांच में पता चला कि थोक और फुटकर कीमतों में बड़े अंतर के कारण कई बड़े उपभोक्ता बल्क सप्लाई छोड़कर सीधे पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे थे। इससे आम लोगों के लिए ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था।
अब सिर्फ टैंक या स्वीकृत कंटेनर में मिलेगा डीजल
नए नियम के तहत डीजल की बिक्री केवल वाहन के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा स्वीकृत कंटेनरों में ही की जाएगी। कोई भी ग्राहक या वाहन एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं खरीद सकेगा। खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी ‘मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल (टेंपररी रेगुलेशन ऑफ सप्लाई थ्रू रिटेल आउटलेट्स) ऑर्डर, 2026’ के अनुसार अब बड़े उद्योग, कंस्ट्रक्शन कंपनियां, ट्रांसपोर्ट फ्लीट ऑपरेटर और टेलीकॉम कंपनियां केवल बल्क सेल प्वाइंट्स या निर्धारित सप्लाई चैनलों से ही ईंधन खरीद सकेंगी।
कीमतों के बड़े अंतर से पैदा हुई स्थिति
सरकार ने बताया कि रिटेल और थोक कीमतों के बीच भारी अंतर इस समस्या की मुख्य वजह बना। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में रिटेल पंप पर डीजल की कीमत लगभग 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क उपभोक्ताओं को यही डीजल करीब 134.50 रुपये प्रति लीटर पड़ रहा है। लगभग 39 रुपये प्रति लीटर के इस अंतर के कारण बड़े खरीदार रिटेल पंपों की ओर रुख कर रहे थे। यह अंतर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संकट के बाद बढ़ा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और सप्लाई चेन पर असर पड़ा। सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए रिटेल कीमतों को नियंत्रित रखा, जबकि थोक कीमतें बाजार आधारित बनी रहीं।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकारों और तेल कंपनियों को जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।
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