हेट स्पीच मामले में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, कोलकाता में FIR र्दज, अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची CID टीम

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पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी के खिलाफ भड़काऊ भाषण के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। मामले ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने 9 मार्च को चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा भाषण दिया था, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। वहीं दूसरी ओर फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इन घटनाओं के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।


भड़काऊ भाषण के आरोप में दर्ज हुई एफआईआर

यह शिकायत तुषार कांती दास की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि 9 मार्च 2026 को कोलकाता के धर्मतला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण में ऐसे बयान दिए गए, जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते थे। पहले इस मामले में नेताजी नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में हेयर स्ट्रीट थाने को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भाषण और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।


पहले भी दर्ज हो चुकी है शिकायत

इससे पहले 26 मई को भी सिलीगुड़ी साइबर थाने में ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही थी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी उस समय बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।


अभिषेक बनर्जी को फिर भेजा गया समन

इधर फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभागने अभिषेक बनर्जी को 14 जून को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है। गुरुवार को वह कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए थे, जहां करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ हुई। जांच एजेंसी का कहना है कि कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिले और कुछ जरूरी दस्तावेज भी अब तक जमा नहीं किए गए हैं।


कल्याण बनर्जी की टिप्पणी पर भी दिया जवाब

हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता Kalyan Banerjee द्वारा की गई आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी उनके वरिष्ठ हैं और उन्हें डांटने या सलाह देने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर किसी भी मतभेद को विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि कल्याण बनर्जी ने एक दिन पहले अभिषेक पर अहंकारी होने का आरोप लगाया था।

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